Saturday, 4 July 2020

लेह से लद्दाख की दूरी मात्र 250 km. है फिर भी पीएम मोदी ने गलावन घाटी तक पहुंचने का साहस नहीं दिखया

कम से कम उस जगह पीएम मोदी को पहुंचना चाहिए था जिस जमीन पर बीस भारतीय जवान शहीद हुए थे।

जब पीएम मोदी यह कह चुके है कि गलावन घाटी में कोई कब्जा नहीं हुआ है तो अपने सरजमीन में पहुंचने का साहस क्यों नहीं दिखाया है।

https://www.jansatta.com/national/fake-hospital-set-pm-modis-leh-visit-heres-need-know/1457507/

यह जानना जरूरी है कि क्या पीएम मोदी 11000 फीट की ऊंचाई तक पैदल पहुंचे थे, अगर पैदल गए होंगे तो उसका वीडियो को पीएम के द्वारा रिलीज करना चाहिए था।

बीजेपी आईटी सेल पीएम मोदी को अनर्गल रूप से महामंडित करने में लगे है जब कि पीएम मोदी के उस फर्जी फोटो की चर्चा नहीं किया जिसमें फोटो खिंचवाने के लिए अस्पताल का नाटक करना पड़ा था।

Friday, 26 June 2020

मोदी सरकार की कुबत चीन से लडने की नहीं है तभी कांग्रेस के साथ नुरा कुस्ती और गड़े मुर्दे उखाड़ने में लगे है

मोदी सरकार जब चीन के साथ लड़ने में बेहाल हो गए तो अपने कमियों और असफलता से ध्यान भटकाने के लिए कांग्रेस के राजीव गांधी फाउंडेशन के पुराने फाइल से धूल हटाने का काम कर रहे है। 

भाजपा की राजनीतिक मंसा है कि चीन के मामले में लोगो को सही जानकारी ना दिया जाए बल्कि इसके बदले कांग्रेस पर नए नए आरोप लगते रहो और बीजेपी आईटी सेल और गोदी मीडिया के सहारे कांग्रेस के उपर लगे आरोपों पर चर्चा जारी रखो।

सूत्रों के हवाले से यह भी खबर है कि जिस भूमि पर 20 सेना के जवानों ने अपना शहादत दिया था आज उसी भूमि पर चीन की सेना तम्बू गाढ़े हुए है जिसे Sattelite तस्वीरों के जरिए देखा जा सकता है पर मोदी सरकार इन तस्वीरों से अपना पल्ला झाड़ने में लगे है।

मोदी सरकार को चीन के सामरिक शक्ति का अंदाजा है और चीन पाकिस्तान नहीं है यह भी वो अच्छे तरह से समझ रहे है तो भलाई इसमें है चीन से पंगा ना लिया जाए और कांग्रेस के खिलाफ आरोप का दौर को चालू रखा जाए।

Wednesday, 24 June 2020

[ लाला रामदेव की Covid 19 की दवा की अन्तर्राष्ट्रीय जांच होनी चाहिए ]

बाबा रामदेव ने कोई सार्थक प्रयास कोरोना मरीज के लिए किया है या अपने धंधे पानी के लिए किया है यह बताना मुश्किल है । चूंकि Covid 19 अब panademic बन चुका है इस दवा की authenticity और इंटरनेशनल लैब से परीक्षण होना जरुरी है और साथ में WHO का reccomendation होना भी आवश्यक है।

जिस यूनिवर्सिटी का reference दिया जा रहा है क्यो वो यूनिवर्सिटी मेडिकल साइंस से जुड़ा हुआ है, क्या उनके अपने हॉस्पिटल है जहां Clinical trail किया गया है।

हजारों मरीज इस रोग से ठीक हो चुके है उसका कारण symptomatic ट्रीटमेंट किया गया है और हजारों के तादाद में मरीजों के मौत की खबर भी आ चुका है जहां symptomatic treatment बुरी तरह से फेल हो चुका है।

बाबा रामदेव के दावे को इसलिए नहीं मानना चाहिए क्यों की उनके पास कोई चिकित्सा से जुड़े कोई डिग्री नहीं है अगर कोई औषधि से जुड़े वैज्ञानिक दावा करता तो बात समझा जा सकता है।

Tuesday, 23 June 2020

भारत और चीन में रोजाना बैठक यह साबित करता है कि पीएम मोदी ने झूठा बयान दिया था, अब यथास्थिति की बातें क्यों ?

भारत और चीन के कोर कमांडर के बीच पिछले दो दिन से कई बैठकों की दौर शुरू हो चुकी है , भारत की मांग है कि LAC में मई के पहले यथास्थिति बरकरार हो।

https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=4238051222886750&id=100000457432810

भारतीय अखबार उसी खबरों को वरीयता से छाप रहे है जो मोदी सरकार मीडिया को मुहैया करवा रहे है। सही पूछे तो पीएम मोदी की विश्वसनीयता ने निचले स्तर पर तब पहुंच गई जब वो अपने गिरते हुए छवि को संभालने के प्रयास में चीन को क्लीन चिट दे दिया।

पीएम मोदी के कहे गए बातों को ध्यान से सुने तो यह पता चलता है कि चीन के कब्जे में देश का एक छटाक जमीन नहीं है पर हकीकत को Sattelite pictures ने खोल कर रख दिया जिसमे बहुत सा हिस्सा चीन के कब्जे जा चुकी है।

देश कितने सुरक्षित हाथों में है इसका पता तो दोनों देशों के आर्मी के बीच लगातार बैठकों से पता चल रहा है, गलवान घाटी में अगर 20 जवानों की शहादत  नहीं हुई होती और चीन के कब्जे में देश की जमीन नहीं गई होती तो आज मोदी सरकार बीरबल के खिचड़ी पकाने की तरह होती।

यह समझना जरूरी है कि बीजेपी के 300 लोकसभा सीटों का जितना और देश को चलना एक समान नहीं है, मोदी सरकार में घोर अनुभव की कमी है जो दिखने लगी है।

Monday, 22 June 2020

पीएम मोदी गलवान को लेकर झूठ बोलकर बुरे फंसे, दूसरी तरफ चीन ने पीएम की बातों का समर्थन किया

किसी भी देश का प्रधान मंत्री अगर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर झूठ बोले तो पूरा देश शर्मसार हो जाती है और साथ में दुनिया भर में एक गलत मेसेज चली जाती है कि देश का स्तर कितना गिरा हुआ है।

https://www.abplive.com/news/india/rahul-gandhi-says-why-china-is-praising-narender-modi-even-after-this-clash-with-india-1438808

इन सब बातो की परवाह किए बिना जिस तरह पीएम मोदी ने देश और दुनिया के सामने चीन के द्वारा गलवान घाटी पर कब्जा जमाने की बात को इंकार किया वो सदी का सबसे बड़ा झूठ तब साबित हुआ जब सैटेलाइट की तस्वीरों ने कब्जा होने की पुष्टि की।

अगर किसी प्रकार की कोई जमीन का कब्जा चीन द्वारा नहीं की गई और ना ही चीन द्वारा LAC का कोई अतिक्रमण किया गया तो फिर पिछले दिन किस बात को लेकर दोनों देशों के कोर कमांडर की बैठक क्यों बुलाई गई।

कथित बैठक के बाद मोदी सरकार ने चीन को चेताया कि जब तक गलवान, पैंगोंग त्सो और हॉट स्प्रिंग पर जब तक 2 मई से पहले वाली स्तिथि नहीं लौटती है तब तक LAC पर हालत नाजुक बनी रहेगी।

उक्त बैठक ने पीएम मोदी की झूठी बातो का पोस्टमॉर्टम कर दिया अगर कोई कब्जे वाली घटना हुई नहीं फिर उस प्रकार की बैठक क्यों आयोजित की गई।

Saturday, 20 June 2020

पीएम मोदी और उनके मंत्रियों के USP उनके झूठी बातों पर टिका हुआ है, झूठ बोलना मोदी सरकार की परम्परा बन चुकी है

https://www.satyahindi.com/opinion/indian-soldiers-went-unarmed-in-galwan-110966.html

चीन को लेकर पीएम मोदी और उनके मंत्रियों की BRAIN MAPPING की जरूरत आ चुकी है ताकि देश के लोगो को सच्चाई का पता चल सके। इनके द्वारा जारी किए गए किसी भी बयान को उनके face value में नहीं लेना चाहिए बल्कि इनके बातों को तर्क के तराजू में तौलना जरूरी है।

मोदी सरकार भारतीय सेना को बिना किसी अस्त्र शस्त्र को शरहद की रखवाली के लिए क्यों भेजा था इसका कोई तर्कपूर्ण जवाब आज तक देश को पीएम मोदी या रक्षा मंत्री नहीं दे पाएं है , अगर भारत और चीन के बीच के संधी को पढ़े तो उसमे यह नहीं लिखा गया कि दोनों सेना अपने अपने शरहद बिना किसी हथियार के ही रखवाली करेंगे।

क्या किसी ने सुना है कोई भी देश अपने शरहद की रक्षा बिना हथियार को साथ में लिए बिना करता है पर इस प्रकार का बेवकूफी भरा कदम केवल और केवल मोदी सरकार ही के सकते है।

Friday, 19 June 2020

देश की ज़मीन जाये तो जाये पर पीएम मोदी का सिर नही झूकना चाहिये क्यों कि वे देश से उपर है

पीएम मोदी के बयान से संकेत मिलता है कि भारत चीन की गैलन घाटी और पैंगोंग झील में यथास्थिति बदलने के लिए तैयार है और तभी इन जगहों से देश का हक छोड़ दिया

https://twitter.com/ANI/status/1274004649230479360?s=19

निर्जन क्षेत्रों पर कब्जा करके, चीन ने उन क्षेत्रों में भारत की गश्त पर रोक लगा दी है और भारतीय सुरक्षा की अनदेखी करके अपने खूंटी गड़ने में सफल हुए और साथ में पीएम मोदी कब्जा किए गए जमीन को चीन को गिफ्ट में दिया है।

जिस तरह का बयान पीएम मोदी ने टीवी के जरिए प्रचार किया है उससे लग रहा पीएम विवादित जमीन का सर्वे खुद करके आएं हो, पीएम मोदी को इस प्रकार की महुत्वपुर्ण जानकारी क्या सेना अध्यक्ष ने दिया अगर सेना अध्यक्ष ने दिया है तो पीएम मोदी ने पिछले चालीस दिन में किस कारण देश के लोगो को  यह जानकारी नहीं दिया।

यह भी चौंकाने वाली बात है जिस खुलासे को पीएम मोदी ने चालीस दिन बाद किया इस खबर को सेना अध्यक्ष ने अपने से देश की जनता के सामने क्यों नहीं रखा, जब की बालाकोट में सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी इंडियन एयरफोर्स ने दिया था।