Friday, 22 February 2019

चौकीदार का बहुरुपीया रुप देश और विदेश के लोगो ने आखिर देख ही लिया

पुलवामा मे आतंकवादी हमले के एक सप्ताह बाद काग्रेस ने जिस तरह से चौकीदार पर पुलवामा मे शहीद हुए जवानो के मृत्यु वाले दिन उनके फिल्मी शुटींग को लेकर सर्जीकल स्ट्राइक किया है उससे एक तरफ पीएम मोदी मानविक संवेदनशिलता का पोल खोल कर रख दिया है और दूसरी तरफ पुरे विश्व भर मे चौकीदार की किर-कीरी हुई है उसका खामियाजा देश के प्रधान सेवक को ही उठानी पडेगी ।

https://www.bbc.com/hindi/india-47328056?ocid=wshindi.chat-apps.in-app-msg.whatsapp.trial.link1_.auin&fbclid=IwAR3-sYe1uqold8MFvo7k_x8gWedycTJlvAj8PRZar9Qlq9nsaAPqgkfc0i4

https://www.jansatta.com/trending-news/aap-congress-and-social-media-users-trolling-pm-narendra-modi-for-shooting-in-jim-corbett-park-on-jammu-and-kashmir-pulwama-awantipora-terror-attack-day/921693/?fbclid=IwAR18NF39r6TBdFUVjjhXojZ7Sig6cBiCUdooBNX07HtvK489pYbqVTKooUI

कांग्रेस ने गुरुवार के दिन अपने प्रेस वार्ता मे मोदी की अमानविय चरित्र का पर्दाफास का पूर्ण विविरण दिया जिससे चौकीदार के बहुरुपीया रुप को देश के लोगो के सामने आ गया है । भले ही कांग्रेस के प्रेस वार्ता के बाद मोदी के कैबिनेट मन्त्री रविशकर प्रसाद पलटवार करने के नियत से कांग्रेस के खिलाफ बहुत कुछ बोल गये पर पीएम मोदी द्वरा “डिस्कवरी चैनल” की एक शूटिंग में “अभिनय” करने वाली बात पर चुप्पी साधे रहे ।

जब रवि शंकर प्रसाद का मोदी के बचाव से कोई फर्क नही पडा तो भाजपा ने अपने “सी ग्रेड” प्रवक्ता सम्बित पात्रा को दोबारा प्रेस वार्ता के लिये पिछले दिन उतारा जो मोदी के मन्त्री मण्डल मे न होने के बावजूद पीएम मोदी और सरकार के बचाव मे तरफ से फेकम–फेंक करते दिखे पर मोदी की उत्साह से भरा शूटिंग वाले बात पर एक शब्द भी नही बोले ।

दोनो भाजपा नेता अपने –अपने प्रेस वार्ता मे उन बातो से किनारा करते रहे जिसमे, NSA, और गृह मंत्री की विफलता क्यों स्वीकार नहीं कर रहे है? इतना RDX देश मे आया कहां से? जैश के हमले से 48 घंटे पहले के वीडियो को नज़रअंदाज कैसे कर दिया?

मोदी सरकार और गृह मंत्रालय ने CRPF को हवाई मार्ग से जाने के निवेदन को क्यों खारिज किया? मोदी सरकार के 56 महीनों में 488 जवान शहीद कैसे हो गए? कैसे आतंकवादी इतने बडे पैमाने मे भारत आने मे सफल हो रहे है और क्यों चुनाव पूर्व इतने बडे घटना को होने दिया गया ।

Monday, 18 February 2019

गोदी मीडिया झूठी खबरो के जरीये मोदी की छवि सुधारने मे लगे है


विदेशो मे भारत की प्रसिद्धि किसी विषय पर भले न हो पर भारत फेक न्यूज ( झूठी खबरो) के कारण विदेश मे प्रसिद्ध हो चुका है, जिस प्रकार PMO हर लोकतान्त्रीक संस्थानो पर दबाव बनाकर रखते है ठिक उसी प्रकार बीजेपी आईटी सेल देश के मीडिया हाउस पर दबाव बनाकर झूठी खबरो (फेक न्यूज ) की चलन को भारत मे बढाने का काम किया है |

पुलवामा मे खुफिया जानकारी के अभाव के कारण सीआरपीएफ के 45 जवानो की जबरीयन अपनी जान गवांनी पडी और दूसरी तरफ आईबी द्वरा जानकारी दिये जाने के बावजूद भी मोदी सरकार ने उक्त चेतावानी को किन कारणो से नजर अन्दाज किया वो भी आम जनता के समझ के परे है |

https://www.24viralpage.com/indian-media-busted/?fbclid=IwAR3bAOQG1w3cn3H5kqbHo7Wv5y51KFtZFn_7Dh2UNTXV2H3LbDle8uBiVqA

सारकार के इस किर-किरी को धूमिल करने के लिये बीजेपी आईटी सेल द्वरा संचालित न्यूज चैनेलो ने देश मे इस घटना को लेकर भावनात्मक ज्वार पैदा करने मे सफल हुए, अब जब कि शहादत हुए जवानो की अंतिम क्रिया पुरी हो चुकी है तब भी गोदी मीडिया आईटी सेल के दबाव मे आकर नये- नये स्टोरी चलाने मे लगे है |

उसी कडी मे गोदी मीडिया 18 फरवरी को एक फ़र्ज़ी फोटोशोप की तस्वीर को वायरल करके ये दवा किया कि भारतीय सेना 17 फरवरी की देर रात सुरक्षाबलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर जम्मू-कश्मीर के पिंगलान मे आतंकवादी के साथ मुटभेड मे जैश-ए-मोहम्मद संगठन का वो मास्टरमाइंड है जिसने पुलवामा में हमला करवाया था उसे. मीडिया जो जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर कामरान को मुठभेड़ में मार गिराने का दावा कर रही है ।

जब कि भारतीय सेना ने मरे हुए आतंकवादी को जैश-ए- मोहम्मद के कमंडर कामरान के मौत की अधिकारिक पुष्ठी नही की है पर फिर भी भरतीय मीडिया ने मोदी की छवि सुधारने के लिये पुलवामा के घटना को लेकर बदला लेने की बात कर रहे है । 


मोदी पहले यह बतायें कि कश्मिर के अलगावादी नेतोओं को सुरक्षा, सुविधायें और आर्थिक सहयोग का खेल कब से चल रहा था

पुलवामा के घटना वाले दिन से मोदी के गोदी मीडिया जिस ढंग से लगातार पुलवामा वाले घटना की कवरेज करते चले आ रहे है उससके पिछे की वजह समझी जानी चाहिये, जिस तरह से मीडिया पाकिस्तान के साथ दो- दो हाथ करने के लिये फर्जी ललकार रहे है उससे उनकी छुपी हुई मंसा को हम लोगो को सामझ लेना चहिये ।

मीडिया के लगातार कवरेज की मूल मंसा यह है किसी भी तरह से देश की जनता के भावनाओ मे पाकिस्तान के खिलाफ एक ऐसे ज्वार पैदा किया जा सके ताकि मो दी की स भे विफलताओ एवम राफेल को लेकर आक्रोश को खत्म किया जा सके ।

पुलवामा की घटना के बाद से लेकर गोदी चैनेल्स मोदी के लिये ऐसा पिच तैयार करने मे जुटे है ताकि मोदी सरकार अपने बचाव मे छक्का लगा सके, पिछले दिन मोदी सरकार ने अपने छवि चमकाने के लिये कश्मिर के छह अलगावादी नेताओं के सुरक्षा, गाडियो और तमाम सुविधाओ को हटाने की बात की घोषणा की है, यह काम मोदी सरकार ने तब की जब कस्मिर मे ही 16 आतकंवादी हमले को अन्जाम दिया जा चका है ।

गोदी चैनेल्स या प्रिन्ट मीडिया ने अपने-अपने मीडिया मे मोदी सरकार से यह सवाल उठाने की हिम्मत नही दिखाई कि मोदी सरकार कब से इन छह अलगाववादी नेताओं पर कितने सालो से मेहरबानी की दूकान खोल के रखे हुए थे और क्यों ।

https://www.jansatta.com/sunday-column/jansatta-sunday-special-column-doosri-nazar-by-p-chidambaram-on-rafael/916232/?fbclid=IwAR2ijskdSQFoYu9ba33GrNttK_mw3ReZkf4TtqvIRvIRnDUfw9jEsJlc अखबारो और न्यूज चैनेल्स की एक खास बात यह देखने को मिलती है कि दोनो मीडिया मोदी सरकार और अमित शाह से इतने डरे और सहमे रहते है कि सरकार को सवालों के घेरे मे खडे करने का साहस तक नही जुटा पाते है ।

कुल मिला कर पुलवामा की आड मे मोदी अपने विफलताओ को छुपाने की शुतुरमुर्गी प्रयास मे कभी भी सफल होने वाले नही है क्यों की जनता जाग चुकी है ।

Wednesday, 29 August 2018

क्या सीबीआई की तरह मुख्य चुनाव आयुक्त भी देश के बड़के मदारी का बन्दर बन चुकें है


भ्रष्टाचार की बात को ध्यान मे रखकर प्रधान सेवक ने उस व्यक्ती को मुख्य चुनाव आयुक्त का कमान सम्भालने दिया जो गुजरात मे आईएएस रहते हुए कि भ्रष्टाचार मे लिप्त पाये गये थे

प्रधान सेवक ने उनकी नियुक्ती दो कारणो से किया था ताकि एक ऐसे बन्दर को मुख्य चानाव आयुक्त के रुप मे पदासिन किया जये जो उनके छडी के इशारे नाचता रहे और साथ मे मुख्य चुनाव आयुक्त के द्वरा पूर्व मे गुजरात मे किये गये भ्रष्टाचार का भी भय बना रहे I

https://www.bhaskar.com/national-news/election-commission-holds-all-party-meeting-on-various-electoral-reforms-5946355.html?ref=twitter

https://www.facebook.com/photo.php?fbid=1144058652417608&set=a.271526066337542&type=3

हाल मे सत्तारुढ दल और विरोधी दलो को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ने ईवीएम के विरोध मे जो बैठक बुलाये थे उक्त बैठक मे सभी विरोधी दलो ने एक सुर मे अगला चुनाव बैलेट पेपर करवाने की मांग की और उसी बैठक मे भाजपा ईवीएम के पक्ष शोर मचाते रहे I

विरोधी दलों का ईवीएम के विरोध मे सुर बुलन्द करने की वजह अनेक है लेकिन भाजपा का ईवीएम के पक्ष मे जो दलीलें दे रहे है उससे तो यही समझ मे आ रहा है कि भाजपा को निश्चित तौर पर ईवीएम से चुनाव कराने मे लाभ होता रहा है और दूसरे तरफ बैलेट पेपर से चुनाव कराने से उनके हारने की सम्भावना प्रबल दिख रही हो I

मुख्य चनाव आयुक्त ने उपरोक्त बैठक के बाद जो बयान प्रेस को दिये है उससे लग रहा है कि वे भाजपा के ऐजेन्ट के रुप मे भाजपा की ही भाषा बोल रहे है, जो अक्सर भाजपा बैलेट पेपर के विरोध मे ऐसी बेतुकी बाते बोलते रहते है I

मुख्य चुनाव का यह दलील बडा बचकाना है और हास्यपद लगा जब उन्होने यह कहा कि है कि बैलेट पेपर से चुनाव कराने पार बूथ Capture हो जायेगा, शायद वो इस पद मे नये आने के कारण यह भूल्र रहे कि आज कल देश मे चुनाव प्रदेश के पुलिस द्वरा सम्पन्न नही कराये जाते है बल्कि बहुत बडे पैमाने पर हर बूथ मे Paramilitary forces तैनात किये जाते है I

चुनाव आयुक्त के इस प्रेस वार्ता के बाद यह साफ हो चुका है कि सीबीआई की तरह मोदी सरकार मुख्य चुनाव आयोग पर अपना कब्जा जमा चुके है और मुख्य चुनाव आयुक्त एक बन्दर की तरह मोदी सरकार के छडी के इशारे मे नाच रहे है I

Saturday, 28 July 2018

मुख्य चुनाव आयुक्त नही करा सकते है पुरे देश मे वीवीपैट से चुनाव, आयोग ने दिया उच्चतम न्यालय को धोखा पर मोगैम्बो खुश हुआ

यह कहना गलत न होगा कि जब से मोदी सरकार का गठन हुआ है तब से दिन प्रति दिन मुख्य चुनाव आयोग अपनी Credibility को खत्म करती जा रही है, भले ही आयोग को एक Autonomous body का दर्जा मिला हुआ पर न जाने क्यों वे केन्द्र सरकार के ताल पर नाचने पर मजबूर दिख रहे है I

बात गौर करने लायक है कि पिछले चार वर्षो मे मुख्य चुनाव आयोग ने Electoral Reforms के नाम पर एक भी उपल्बधी नही दिखा पाये है, बल्कि पिछले चार सालो मे जो भी मुख्य चुनाव आयुक्त 2014 के बाद पद भार सम्भाला है वे सभी ईवीएम को लेकर उलझ कर रह गये है I

https://indianexpress.com/article/india/vvpat-delivery-way-behind-schedule-advancing-lok-sabha-polls-not-so-easy-5274484/lite/

जब बात ईवीएम की चल ही गई है तो यह याद दिलाना महुत्वपूर्ण है कि ईवीएम को लेकर उच्चतम न्यालय मे सुनवाई के दौरान माननिय न्यालय ने आयोग को अगले लोक सभा चुनाव मे ईवीएम का साथ वीवीपैट मशिन लगाकर चुनाव करने का आदेश पारित कर चुकें है I

मुख्य चुनाव आयुक्त ने 24 April 2017 अपने दाखिल हलफनामे पर सुप्रीम कोर्ट को यह वादा (Promise ) किया था कि लोकसभा चुनाव के लिये 2018 के सितम्बर माह तक दो Public Sector Unit, BEL और ECIL 16 लाख 35 हजार वीवीपैट मशिनो का उत्पादन करके आयोग के सुपूर्द कर देंगे और इस बात को ध्यान मे रखकर दोनो संस्थानो को 16 लाख 15 हजार वीवीपैट के ऑर्डर भी दी जा चुकी है I

देश के मशहूर मीडिया हाउस, The Indian Express ने एक आर.टी.आई के तहत आयोग से जानकारी लेनी चाही कि अब तक कितने उत्पादित वीवीपैट को हैण्ड ओवर किया गया है, इसके जवाब आयोग ने जानकारी दी कि उक्त ऑर्डर के 14 महिने के बीत जाने के बाद केवल 3.48 लाख वीवीपैट (23 प्रतिशत) जून के माह तक उन्हे प्राप्त हो सका है I

अगर अंक गणित के ऐकिक नियम का पालन किया जाये तो 23% वीवीपैट के निर्माण मे 14 महिने लगे तो 100% को प्राप्त करने के लिये आयोग को 5 सालो से ज्यादा समय तक इन्तजार करना पडेगा I

इन आंकडो को ध्यान मे रखते हुए देश के सभी विपक्ष दलो को चाहिये कि मुख्य चुनाव आयोग/ आयुक्त पर दबाव इस बात पर बनाये कि जहां भी वीवीपैट लागाने मे सक्षम न हो तो ऐसे Constituencies मे संदेह युक्त ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराई जाये ताकि चुनाव मे ईवीएम को लेकर कोई धांधली न हो सके I

Thursday, 26 July 2018

राहुल गान्धी प्रधान मन्त्री पद के दावेदारी से पिछे हटे, इसे कह्ते है कि मोदी के नहले पर राहुल का दहला

एक बात ध्यान देने योग्य है कि जब से राहुल गान्धी ने कांग्रेस की बागडोर एक अध्यक्ष रुप से सम्भाला है तब से उनकी राजनितिक सोच मे अमूल-चूल परिवर्तन देखने को मिला है जिसे गुजरात के चुनाव और बाद मे कर्नाटक के चुनाव के परिणामो से आंका जा सकता है I

मोदी जी को सदन मे प्यार की झप्पी देना तो लग-भग सभी देश वासीयों को अवाक ही कर दिया है, भले ही मोदी जी इस झप्पी की झेंप मिटाते दिखे पर तब तक देश मे राहुल गान्धी के लिये सकारात्मक सिग्नल चला ही गया है I

https://khabar.ndtv.com/news/india/rahul-gandhi-pm-candidate-2019-lok-sabha-election-tmc-congress-lok-sabha-election-2019-pm-modi-bjp-1889569?type=news&id=1889569&category=india

बहुत दिनो से भाजपा और उनकी गोदी मीडिया राहुल गान्धी के उस प्रयास का मजाक उडाते दिखे जिसमे उन्होने सभी विपक्ष दलो को एक साथ लेकर चलने का प्रयास करते पाये गये, जब कि मोदी जी ने विपक्ष दलो के एक सुत्र मे आने को दल-दल की संज्ञा दे डाली, यह उनका फ्रस्ट्रेशन भी कहा जा सकता है जब कि भाजपा और गोदी मिडिया ने एक भ्रामक प्रचार इस बात से शुरु की कि कौन बनेगा प्रधान मंत्री I

भाजपा के इस मिथ्या प्रचार को कांग्रेस के अध्यक्ष ने फ्रंट फुट मे खेलते हुए अपने नाम को प्रधान मन्त्री पद के लिये CWC के बैठक मे घोषित करवा दिया, जैसे ही राहुल का नाम प्रचार मे आया तो भाजपा की पेट की ऐंठन बढ गई, अब भाजपा कांग्रेस के सहयोगी पार्टी को आपस मे लडाने के जैसे ठान ली हो I

इस घटना के बाद राहुल की अगुवाई वाली कांग्रेस ने अपना पैतरा बदले हुए अपनी रणनीति को थर्ड गेयर मे डालते हुए धिरे से राहुल गान्धी का नाम प्रधान मन्त्री पद से हटा लिया और साथ मे सुश्री ममता बनर्जी वो सुश्री मायावाती के नामो को प्रधान मत्री पदों के लिये आगे रख दिया I

इसे कहते है मोदी के नहले पर राहुल का दहला, मोदी जी का राहुल और उनके पूर्व पुरुषों एंव वंशवाद को लेकर आये दिन हंगामा खडे करने वाली बात पर पूर्ण विराम लग गया है और इसके बावजूद भी इस संदर्भ मे मोदी जी कोई बात रखते हों तो लोग कहेंगे कि बुढ्ढा सठिया गया है I

Thursday, 28 June 2018

मोदी सरकार की सर्जिकल स्ट्राइक पर फर्जीकल वीडियो का हुआ पर्दाफाश



जिस सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो देश की आर्मी ने दिखाने से मना किया या नहीं दिखाई तो २ साल बाद भाजपा के आई टी सेल ने फोटोशॉप वीडियो को आर्मी से बिना पूछे ही गोदी मीडिया के सहारे देश की जनता को बेवकूफ बनाने की नाकाम कोशिश की

जिस वीडियो को India Today के news चैनेल ने Breaking news करके चलाई वह वीडियो खुद ही संदेह युक्त है, उसका कारण है उक्त वीडियो को भारतीय सेना ने लिक नहीं की है और वो ऐसा कर भी नहीं सकते है, क्यो की सेना ने पूर्व में ही न दिखाने की बात कर चुके है I

पूरे वीडियो को लोंग शॉट से शूट किया गया है जिस कारण न तो भारतीय सेना के जवानों के चेहरे साफ़ दिख रहे है और ना ही कोई हथियार देखने को मिले और साथ में देश के झंडे भी नहीं दिखे, इस प्रकार के तमाम वीडियो गूगल में सर्च करने पर मिल सकते है I

जिस फोटोशॉप वीडियो के सहारे मोदी सरकार के मंत्री ने आज प्रेस कांफ्रेंस की यह भी अपने में हाष्यपद विषय है, उन्हें बताना चाहिए था कि मोदी सरकार ने इस वीडियो को यूएनओ को क्यो नही भेजा गया, जब की उक्त संगठन ने इस सर्जिकल स्ट्राइक को फेक घोषित किया था I

यह भी जानना जरुरी है कि जिस Army General ने Surgical Strike का जोरदार खुलासा मीडिया के सामने किया था तो क्या कारण इस बार हुआ जो मौजुदा Army General इतने बडे वीडियो का खुलासा क्यो नही किया और भूतपूर्व आर्मी जनरल अवकास के बाद किस सरकारी पद का शोभा बढा रहे है I

मोदी सरकार के पास 2019 के चुनाव को जीतने के लिए फर्जी बातो का सहारा रह गया है, कभी नेहरू, तो कभी इंद्रा गांधी तो कभी आपात काल, अगर देखा जाए तो उक्त वीडियो के जरीए मोदी सरकार ने भारतीय सेना के सम्मान को ठेस पहुंचाए है, क्यो की सेना ने इसे वीडियो को दिखाने की बात पूर्व में राजी नहीं हुए थे I