Monday, 28 August 2017

ट्रायल कोर्ट के फैसले का राम नाम सत्य तब हो जायेगा जिस दिन बाबा की जमानत हो जायेगी


बाबा राम रहीम के दोहरे बलत्कार वाले मामले मे जिस तरह से सीबीआई कोर्ट ने जोरदार तरीके के साथ अपना फैसला सुनाया एक बार फिर से देश के न्यालय पर लोगो की विश्वास बड़ गया है, भले ही इस फैसले से भाजपा के नेताओं और उनके भक्तो को सांप सुंघ गया हो पर उन्हे ऐसा लागने लगा जैसे उनके घर के दामाद या जीजा के खिलाफ सजा सुनवाइ गई हो I

ट्रायल कोर्ट का यह फैसला भले ही एक नजिर के रुप मे आया हो पर हमारे देश के कानून के अनूसार इस फैसले को आखरि फैसला समझा नही जा सकता है, चूंकि सजायाफता मुजरिम एक हाई प्रोफाइल बाबा है और उसकी पकड और धमक मौजूदा भाजपा की केन्द्र और हरियाणा सरकार पर है तो यह भी मान लिया जाना चाहिये कि बाबा राम रहीम का जेल मे प्रवास के दौरान उनकी हर सुख सुविधा की जिम्मेदारी न चाहते हुये दोनो सरकारें करते नजर आयेंगे I

देश के न्यूज चैनेल्स और अन्य मीडिया भले ही इस समय बाबा राम रहीम के खिलाफ ढोल ताशे के साथ भिन्न कहानीयो के साथ जबरदस्त विरोध दर्ज कर रहे हो पर जिस दिन डेरा सच्चा सौदा की तरफ से ज्यादा चिल्ल पौंव करने वाले न्यूज चैनेल्स के आफिस मे बोरा भर कर माल पहुंच जायेगा उस दिन से मीडिया सन्नाटा खिंच लेगी I

जिस दिन इस प्रकार का सन्नाटा मीडिया मे व्यप्त होगा शायद वही अच्छा समय बाबा राम रहीम के लिये होगा कि वे अपना जमानत की अर्जी पंजाब और हरियाणा उच्च न्यालय मे दाखिल कर अपना चुपके से बेल करवा ले और एक बार उनका बेल मंजुर किसी भी उपरी न्यालय से हो जाये तो समझले कि इस ट्रायल कोर्ट के फैसले का राम नाम सत्य हो जायेगा I

यह सोचना बडी बैमानी होगी कि बाबा राम रहीम के जमानत के बाद पंजाब और हरियाणा उच्च न्यालय तीन तलाक के मुकदमे की रोज सुनवाई के तरह नही सुनने वाली है और उक्त न्यालय के पास वैसे भी हजारो पुराने केस पेडिंग पडे हुये है और बाबा राम रहीम वाले मामले का फैसला आते-आते दस-पंद्रह साल मजे से गुजर जायेंगे I

यह मान लिया जाये कि बाबा राम रहीम की कुल कानूनी लडाई केवल जमानत तक सिमित होगी और जब मोदी सरकार और खट्टर सरकार का सिद्द हस्त बाबा के उपर रहेगा तो यह समझ लिया जाये कि बेल को कडा विरोध सरकारी वकील के तरफ नही होगा, क्यों कि भाजपा को बाबा के सहारे दोबारा हरियाणा का चुनाव जीतना जो है I

https://openkhabar.com/bjp-neta-ne-nhi-batya-is-faisle-ko-aetihasik/?utm_source=social&utm_medium=push

Friday, 25 August 2017

क्या बाबा राम रहीम के साथ भाजपा ने विश्वासघात किया ?

कल भाजपा ने दिखा दिया कि चंद वोटो के लिये किसी प्रदेश को कैसे शमसान बनाया जा सकता,देखा जाये तो गुरमीत राम-रहीम के भक्तो ने जो भी ताण्डव हरियाणा मे दिखाये है वो कोई अचानक नही हुआ बल्कि एक सोची समझी रणनीति के तहत कार्य रुप दिया गया I

मेरा मानना यह है इस ताण्डव की रुप रेखा डेरा सच्चा सौदा के मठ मे एक या दो दिन मे नही तैयार के गई होगी,जिस संख्या मे भक्तो का जमवाडा कई दिनो से पंचकुला तथा अन्य जगहों मे देखने को मिला वे इस बात की पुस्टी करती है कि बाबा राम रहीम ने ऐसे ताण्डव की रुप रेखा महिनो पहले से बना चुके थे और यह बात भी निश्चित तौर पर कहने मे कोई संकोच नही होना चाहिये कि भाजपा की खट्टर सरकार इन रुप रेखाओं से भली भांति अवगत रहे होंगे I

भाजपा  के बडे नेताओ को हरियाणा के विधान सभा के चुनाव के पूर्व से ही बाबा राम रहीम के उपर चल रहे बलात्कार मुकदमे की हर जानकारी थी और उनको इस मुकदमे का स्टेटस रिपोर्ट भी पता था और भाजपा ने मोदी जी द्वरा केन्द्र मे सरकार के गठन के बाद एक रणनीति बनाई जिसमे हरियाणा के विधान सभा चुनाव के पूर्व बाबा गुरमीत सिंह के उपर बलात्कार के मुकदमे को लेकर मोदी जी का हवाला देते हुए बाबा राम रहीम को विश्वास मे लिया गया होगा ताकि उनके थोक मे उनके भक्तो का वोट मिल सके I

भाजपा अपने इस रणनीति मे सफल भी हुए और साथ मे भारी मतो के साथ सरकार भी बना ली पर बाबा गुरमीत सिंह का क्या हुआ सिवाये स्वच्छ भारत के अभियान को लेकर मोदी जी तथा अन्य हरियाणा के बडे नेताओ के साथ कुछ फोटो खिचवा लिये, बाबा जी इस मुगालते मे रहे होंगे कि जब भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह सीबीआई कोर्ट से हर दिन के लिये मुक्त हो सकते है तो वो क्यो नही हो सकते है I

खैर भाजपा बाबा गुरमीत सिंह के प्रति खुब वफादारी दिखया है भले ही वे कोर्ट को मैनेज करने मे असफल रहे पर उनके भक्तो को पंचकुला मे बडे तादाद मे जमा होने तथा बाद मे भयंकर ताण्डव करने का बडा अवसर प्रदान किया और बोनस के रुप मे एक बलात्कारी बाबा को कोर्ट के फैसला आने के बाद हेलिकाप्टर के जरिये टेम्पोरेरी जेल मे पंहुचाने मे सफल रहे I

हरियाणा मे हुए तीन बडे घटनाओ के बाद मुख्य मन्त्री श्री मनोहर लाल खट्टर के पद मे बने रहने पर श्री राजनाथ सिंह की वो बात ताजा हो जाती है जिसमे उन्होने कहा था कि भाजपा मे इस्तीफे की कोई कोई परम्परा है नही चाहे नेता दोषी क्यो न हो I

http://www.jansatta.com/rajya/haryana/gurmeet-ram-rahim-singh-convicted-in-morgue-dead-bodies-their-phones-ringing-through-night/413409/?utm_source=izooto&utm_medium=push_notification&utm_campaign=browser_push&utm_content=&utm_term=



https://www.facebook.com/NDTVIndia/videos/10156727399682715/

Wednesday, 23 August 2017

Political Analysis of India: मोदी जी तीन तलाक की आड़ मे शरियत कानून को खत्म करन...

Political Analysis of India: मोदी जी तीन तलाक की आड़ मे शरियत कानून को खत्म करन...: मोदी जी के प्रधान मन्त्री बनने के बाद और खास कर अमित शाह द्वरा भाजपा के अध्यक्ष पद सम्भालने के बाद भाजपा मे हर मामले मे राजनीति पेलने का ...

मोदी जी तीन तलाक की आड़ मे शरियत कानून को खत्म करना चाह रहे थे जिसे उच्चतम न्यालय ने होने नही दिया



मोदी जी के प्रधान मन्त्री बनने के बाद और खास कर अमित शाह द्वरा भाजपा के अध्यक्ष पद सम्भालने के बाद भाजपा मे हर मामले मे राजनीति पेलने का रोग लग चुका है, अभी तक राजनीति पेलम-पेलम वाला रोग एम.एल.ए के खरिद फरोक्त, ईवीएम मे हेरा-फेरी, दूसरे पार्टीयों के नेताओ को सीबीआई का भय दिखाकर अपने पार्टी मे जोडना, किसी प्रदेश मे एक गठ बंधन सरकार को हैकिंग के जरिये जबरियन सरकार मे घुसपैठ  आदि देखा गया है I

भाजपा का पेलम-पेल वाली राजनीति तीन तलाक वाले मामले मे खुब देखने को मिला जब वे Uniform Civil Code को इस तलाक वाले मुद्दे से जोड कर देखना चालू किया था और इस कारण मोदी जी ने मुस्लिम महिलाओ के प्रति खुब घडियाली आसूंओ की बरसात लगा दिया था I

मोदी जी के पेलम–पेल राजनीति का पर्दाफास उच्चतम न्यालय मे तब हुआ जब मोदी सरकार ने अपने हलफनामे मे न्यालय को तलाक के हर विधी को समाप्त करने की बात कही, मोदी जी का मंसा तीन तलाक के आढ मे शरियत कानून को खत्म करने की रही अगर वे इसमे कामयाब हो जाते तो Uniform Civil Code को थोपने का रास्ता साफ हो जाता I

उच्चतम न्यालय शायद मोदी जी के बगुला भगत वाली ऐटिटीयूड़  को भांप चुके थे और इसी कारण न्यालय ने शरियत कानून को ध्यान मे रखते हुए तीन तलाक को पूर्णता समाप्त नही किया बल्कि दोष पूर्ण तलाक-ए-विद्दत(Instant Talak) पर छह माह तक प्रतिबध लगा दिया I

भली ही मोदी जी और भाजपा न्यालय द्वरा पारित किये गये Instant Talak के रोक को ऐतिहासिक बताते फिर रहे है पर हकिकत मे मोदी जी के साथ पुरे दम से के.एल.पी.डी हो चुका है, जिसे मोदी जी भी समझ रहे है I

Times of India मे छपी खबर के अनूसार मोदी सरकार कोई भी कानून तलाक को खत्म करने के लिये नही लाने वाली है, पुरी जानकारी के लिये निचे दिये गये लिंक खबर को जरुर पढें I

https://www.facebook.com/RajaGurjotSinghppcc/videos/1675912762432486/

Tuesday, 22 August 2017

Political Analysis of India: उच्चतम न्यालय ने तलाक-ए-विद्दत पर रोक लगा कर शरियत...

Political Analysis of India: उच्चतम न्यालय ने तलाक-ए-विद्दत पर रोक लगा कर शरियत...: भले ही तीन तलाक के मुद्दे पर देश के सभी चैनेल्स मे कल दिन भर उच्चतम न्यलाय के आदेश और निर्णय पर घन घोर चर्चा होती रही पर उच्चतम न्यलय ने बड...

उच्चतम न्यालय ने तलाक-ए-विद्दत पर रोक लगा कर शरियत कानून का मान बढाया है और साथ मे मोदी सरकार के मूंह पर तमाचा

भले ही तीन तलाक के मुद्दे पर देश के सभी चैनेल्स मे कल दिन भर उच्चतम न्यलाय के आदेश और निर्णय पर घन घोर चर्चा होती रही पर उच्चतम न्यलय ने बडे ही ईमानदारी के साथ तीन तलाक के मुद्दो को केन्द्र सरकार के पाले मे डाल दिया है, क्यों कि न्यालय जानती है कि कानून बनाना उनके अधिकार मे नही है I

देश के उच्चतम न्यालय ने इस मामले को लेकर बहुत ही माथा पच्ची किया होगा और साथ मे न्यालय ने शरियत कानून को भी खुब आदर और सम्मान दिया और मोदी सरकार के उन बातो को खारिज किया जिसमे सरकार ने तलाक के अन्य पहेलुओ को खत्म करने के लिये न्यालय के समक्ष अपनी बात रक्खे थे I

देखने और समझने की बात यह है कि न्यालय ने कुरान मे दिये गये तलाक के अन्य पहेलुओं जैसे तलाक-ए-अहशान और तलाक-ए-हसन पर कोई कमेन्ट ही नही किया बल्कि एक बार मे कहे गये तलाक,-ए-विद्द्त (Instant triple Talak) पर ही अगले छह माह तक रोक लगा दी है I

यह बात ध्यान रखने की है कि सुप्रीम कोर्ट ने तलाक के मूल सिद्दांतों को खत्म नही किया है और अगले छह माह तक तलाक के दूसरे फारमेट का भी प्रोयग बंद हो जायेगा ऐसा सोचना भी गलत है और कुछ सिर फिरे मुस्लिम पुरुष अपने रुतवा को बनाये रखने के लिये इधर उधर हाथ मारने के फिराक मे रहेगे I

भारत जैसे देश मे उच्चतम न्यालय द्वरा तीन तलाक पर जबरदसत दखल और जोरदार न्याय को हिस्टोरिकल तो कहा जा सकता है पर अलौकिक नही कहा जा सकता है उसका कारण यह रहा कि विश्व के उन्नीस इस्लामिक देशो ने इस तीन तलाक के खिलाफ शक्त कानून अपने अपने देशो मे पारित कर चुके है, जिसकी अधिक जानकारी निचे दिया गये लिंक पर क्लिक करके जाना जा सकता है I

भले ही भाजपा उच्चतम न्यालय के इस आदेश के लिये “बैगाने की शादी मे अब्दुल्ला दिवाना” जैसा व्यवहार करे पर कांग्रेस के अलावा अन्य सभी दलो ने न्यालय के इस आदेश की प्रसंसा करने मे पिछे नही रहे I

अब देखना यह है कि मोदी सरकार अगले छह महिने के भितर तलाक-ए-विद्दत पर शरियत आधारित कोइ ठोस कानून लाती है या संघी आदेशो का पालन करेगी, हालांकि कि मोदी सरकार उच्चतम न्यालय के आदेश के बावजूद जन लोकपाल के नियुक्ती के विषय कोइ रुची अब तक नही दिखाया है  I

http://indianexpress.com/article/india/pakistan-egypt-among-19-countries-that-have-abolished-triple-talaq-supreme-court-verdict-4808780/

http://indianexpress.com/article/india/instant-triple-talaq-unconstitutional-against-teachings-of-islam-supreme-court-4807974/

Friday, 18 August 2017

साम, दाम, दण्ड, भेद और मीडिया- भाजपा का पांच नीतियां

साम, दाम, दण्ड, भेद को ही शायद चाणक्य नीति कहा जाता रहा है पर 2014 के लोक सभा चुनाव के बाद मोदी सामराज्य के स्थापना के बाद उपरोक्त साम, दाम, दण्ड भेद के साथ एक नये नीति का आविषकार देश के प्रधान सेवक ने ‘मीडिया’ नीति से किया है I

मीडिया नीति के कारण ‘आज तक’ नामक न्यूज चैनेल ने अगामी लोक सभा के चुनाव के लिये भाजपा के पक्ष मे चुनावी पिच का निर्माण कार्य शुरु कर दिया है और साथ मे आगामी चुनाव मे भाजपा के दान पात्र मे 349 सिट शब्दो के झोल के साथ डाल भी दिया है I

अमित शाह ने अगले लोक सभा चुनाव मे 350 प्लस का लक्ष रख कर यह कह दिया है कि अगला चुनाव 2018 मे होना तय है और वो भी बिना वीवी पैट मशीन के I

जिस ढंग से भाजपा के चाणक्य अमित शा ने अपने नेताओं के सामने 350 लोकसभा सिट का लक्ष रखा है उससे तडीपार अध्यक्ष की घबराहट ही रिफलेक्ट हो रहा है उपरोक्त आंकडे को राष्ट्रीय फकीर 2014 को नही छु पाये जब कि उनका Gujarat Model और 10 हजार करोड रुपयों का प्रचार विज्ञापन सातवें आसमान मे पंहुच चुका था I

पुराने समय मे लोग कहा करते थे कि बंद मुठ्ठी लाख की, खुल जाये तो खाक की और आज वही हाल पीएम मोदी का है जिन्होने पिछले लोकसभा चुनाव मे झूठे वादो का अम्बार ही लगा चुके थे और देश की जनता यह मानकर कर बैठ गये थे कि नारायण अवतारित हो चुके है और युवाओं ने तो यहां तक सोच लिया हर साल 2 करोड नौकरियां उनके अच्छे दिन जरुर उनके दरवाजे पर दस्तक देगी I

देखा जाये तो देश के यूवा वर्ग और पेड़ मीडिया ने पिछले लोकसभा चुनाव मे भाजपा को जबरद्स्त समर्थन देकर मोदी जी को प्रधान मन्त्री की कुर्सी तक पहुंचाया और आज वही यूवा वर्ग सब से ज्यादा ठगा महसूस कर रहा है जिसके पास ले-देकर बेरोजगारी और लाचारी रह गई है I

जिस साम, दाम, द्ण्ड, भेद और मीडिया के सहारे भाजपा ने बिहार मे कारनामे दिखाये है उससे भले ही भक्त खुश हुये होगें परन्तु भाजपा के इन पांच नीतियों के कारण सभी प्रमुख विपक्षी दलो आपसी भेद भाव भुलाने का एक अवसर जरुर दे दीया है और कल अगर आम आदमी पार्टी  आने वाले महा संग्राम मे विपक्षी दलो के साथ चली जाये तो आशचर्य की बात न होगी I

https://www.facebook.com/abpnews/videos/2197677433582832/