Wednesday, 16 August 2017

क्या मोदी जी अपने विशालकय झूठी बातों के सहारे देश को चलाना चाहते है?

देश और दुनिया मे यह बात तो प्रचारित हो चुकी है कि भारत के प्रधान मन्त्री मोदी जी के शिक्षा के मामले मे बडा झोल है उनके स्नातक और परस्नातक डिग्री विवाद के घेरे मे है पर झूठ बोलने के मामेले मे तो वे आरएसएस विश्वविद्दालय से पीएचडी भी कर चुके है I

मै हमेशा ही मोदी जी के बेबाग झूठ बोलने की अदा पर कायल रहता हुं, देश मे इनके पहले बहुत से प्रधान मन्त्री आये और गये होगें पर उन लोगो ने इतने ताबड-तोड झूठ बोलने की ना तो हिम्मत दिखाया और ना ही इस विषय पर कोई रुची दिखाई I

झूठ बोलने का शिलसिला प्रधान मन्त्री के बनने के बाद से चालू हुआ है ऐसी बात नही है I झूठ बो ल ने का अभ्यास गुजरात के मुख्य मन्त्री काल मे मीडिया के मिली भगत से “गुजरात मॉडल” नामक एक बडे झूठ से चालु किया और मीडिया की देख रेख मे गुजरात मॉडल एक राष्ट्रीय मॉडल के रुप मे उभर कर आया और इसी कारण भा जपा और दे श की 31% जनता ने उन्हे प्रधान मन्त्री के कुर्सी तक पंहुचा दिया I

मोदी जी के झूठ बोलने की मानसिकता को समझने की जरुरत है, वे कभी भी बंद कमरे मे झूठ नही बोले है जब अपने झूठ को बढाने की बात आती है तो अवसर को ध्यान मे रखते हुए निजी या सरकारी मंच से अपने झूठ का प्रसार किया है I

मोदी जी अपने प्रोपागेण्डा के प्रति आतुर पाये गये, चाहे वो Negative propaganda क्यों न हो और देखा जाये तो वे Positive या Negative propaganda के जरिये वे मीडिया से लेकर सोशल मीडिया के चर्चे मे बने रहना चाहते है I

इस बार मोदी जी ने पुर्व की भांति स्वतंत्रता दिवस को अपने झूठ को फैलाने के लिये चुना और जिसका विरोध चारो तरफ शुरु हो चुका है, निचे दिये गये लिंक पर जा कर उनके झूठ का मजा लिया जा सकता है I

http://viralinindia.net/bjp/narendra-modi-lied-on-15-august/17900/?utm_source=Facebook&utm_medium=vm_india

Sunday, 13 August 2017

संघ और भाजपा को डाक्टर काफिल खान के हीरो बनने से लगी मिर्ची

गोरखपुर के अस्पताल के पुरे घटना क्रम को देखे तो यह बात बहुत साफ हो चुकी है कि सुबे के मुखिया योगी जी इस मामले से ज्यादा घबराये नजर आ रहे है उनका कुर्सी जाने का भय उनके सर पर चढ कर बोल रहा है, इन के भय के पिछे घटना के दुसरे ही दिन जिस ढंग से मोदी के अहम न्युज चैनेल जी न्युज की एंकरो ने खुब तबियत से योगी जी इस विषय को लेकर धोया है I

जी न्युज के एंकरो का यह धोने वाले मामला को हल्के मे नही लेना चाहिये कारण वे तो एच.एम.भी ही है और जी न्युज का मास्टार तो देश के प्रधान सेवक ही ठहरे, मोदी जी की करुणा से ही आज जोगी योगी जी बन गये है, प्रधान सेवक इन बच्चो की हत्याओ से इतने दुखी हो चुके है कि वो इस विषय पर एक भी ट्वीट करना उचित नही समझा I

एक मुस्लिम डाक्टर  काफिल खान बीअरडी अस्पताल और प्रदेश मे हीरो बन जाये तो संघी और भाजपा मे खुजली पैदा होना लाज्मी है, लगे हाथ सरकार ने उसे विभाग के मुखिया पद से न केवल हटाया है बल्कि फर्जी जांच करने पर तुले है I

भले ही Dr. खान को उनके विभाग से योगी जी ने हटा दिया हो पर उत्तर प्रदेश शासन कहने और समझाने मे नाकाम रही क्यों Dr. खान को उनके पद से हटाया गया, क्या यह हटाने का खेल संघ कार्यलय के निर्देशो के अनुसार हुआ है तो यह भी एक जांच का विषय बनता है I

जिस ढंग से सोशल मीडिया मे संघ और BJP IT Cell वाले Dr. खान की खिलाफत कर रहे है उतनी खिलाफत तो बी.अर.डी कालेज के ब्राहमण प्रधानाचार्य पर नही हो रही है, इससे संघ की मनुवादी सोच का खुलासा हुआ है I

देखा जाये तो किसी सरकारी मेडिकल कालेज अस्पताल के प्रबंधन की जिम्मेदारी उक्त कालेज के प्रधानाचार्य की होती है पर संघीय प्रशासक ने अपने मनुवादी सोच के कारण ब्राहमण प्रधानाचार्य को टारगेट नही किया और दुसरी जगह मुस्लिम समुदाये से ताल्लुक रखने वाले Dr. खान को केवले टारगेट ही नही किया बल्कि उनको सामाजिक रुप से बदनाम करने की संघी चेष्टा हुई I

वैसे एक पते की बात यह भी है कि देश के लोग जिसे महान कहें भाजपा और भक्त उस व्यक्ती की चरित्र हनन और बलात्कारी साबित करने मे लग जाते है, भक्तो की निगाह मे केवल झुठो के बादशा फेंकू चंद महराज ही महान है I

http://web.timesnowmobile.com/story?id=64547

Friday, 11 August 2017

हामिद अंसारी की मन की बात प्रधान सेवक, भाजपा और भक्तो के लिये अंगारा साबित हुआ

भारत के भूत पुर्व राष्ट्रपति श्री हामिद अंसारी पिछ्ले तीन वर्षो से संविधानिक पद मे रहेने के कारण मोदी सरकार व भाजपा द्वरा  फैलाये जा रहे Communal hatred के खिलाफ अपने थूक को जमा करते रहे और जाते- जाते टीवी चैनेल के पत्रकार करण थापर के एक साक्षात्कार मे दम लगाकर थूक ही डाला I

श्री अंसारी की थूक न केवल प्रधान सेवक को बल्कि भाजपा सहित उनके चुन्नु- मुन्नु सभी भक्त गणो तथा संघी चैनेल्स वालो को अंगारे की तरह लगा और सभी ने उनके उदगार को  समझने की जगह उपहास करते नजर आये और Intellectual  जवाब तक नही दे सके, इसका एक अहम कारण यह भी है कि भाजपा के नेताओं का शिक्षा का पैमाना श्री हामिद अंसारी के तुलना मे नग्न है I

https://www.youtube.com/watch?v=TOvI1RkP2Gc

भूतपूर्व राष्ट्रपति ने जिस सालिनता से पत्रकार करण थापर के द्वरा उठाये सवालो का जवाब दिया वो अपने मे ही लाजवाब और सारगर्भित था, चूंकि उक्त इंटरव्यु अंग्रीजी भाषा मे होने के कारण भाजपा नेताओ को समझने परेशानी हुई होगी I देखा जाये तो उन्होने उन बातो का व्यक्त किया है जो मौजूदा Mob Lynching के कारण मुस्लिम समाज मे भय का माहौल पैदा हो चुका है I

गौरतलब है कि श्री हामिद अंसारी केवल देश के उप राष्ट्रपति ही नही बने बल्कि वे संयुक्त राष्ट्र के स्थाई प्रतिनिधि थे और इसके अलावा वे कई देशो मे राजदूत के पद को भी संभाला थ,ऐसे औदे तक पहुचने के लिये देश के प्रधान सेवक के लिये दिवा सपना ही है

देश की मीडिया भीड द्वरा कत्ल किये जाने को Mob Lynching जरुर कह रही है, पर यह भी देखना जरुरी है कि ऐसे भीड को जुटा कौन रहा है I अगर निचे दिये गये लिंक मे जाकर देखें तो श्री कपिल सिब्बल ने राज्य सभा के सदन मे Mob Lynching के पिछे की ऐसे भीड का पर्दाफास किया है I

श्री सिब्बल जी की बातो से पता चलता है कि गौ रक्षI के नाम पर यह Mob Lynching नही बल्कि संघी लिचिंग चल रहा है I यह भी समझना होगा कि आखिर मे इन गौ रक्षकों को फण्डीग कौन सी संस्था कर रही है और क्यों गौ रक्षकों पर रुपये खर्च किये जा रहे है I

अगर उपरोक्त सवालो के जवाब आप अपनी समझदारी से खोज लेते है तो आप को पुर्व उप राष्ट्रपति द्वरा उठाये गये बातो को बुरा नही लगेगा I

Wednesday, 9 August 2017

Political Analysis of India: भारत छोडो आंदोलन की 75 वी वर्षगांठ के पिछे आरएसएस ...

Political Analysis of India: भारत छोडो आंदोलन की 75 वी वर्षगांठ के पिछे आरएसएस ...: बडबोलेपन के सिरोमणी और देश के प्रधान सेवक अपने और अरसएस की छवि सुधारने के लिये अपने नाटक के जरिये क्या स्टंट कर जाये यह बात किसी को पता न...

भारत छोडो आंदोलन की 75 वी वर्षगांठ के पिछे आरएसएस और मोदी जी की मंसा अपने को देश भक्त सिद्द करना

बडबोलेपन के सिरोमणी और देश के प्रधान सेवक अपने और अरसएस की छवि सुधारने के लिये अपने नाटक के जरिये क्या स्टंट कर जाये यह बात किसी को पता नही होता है I अब उनके नये ड्रामे की पटकथा अंग्रेज भारत छोडो आंदोलन के 75 वी वर्षगाठ मनाने पर कलम बंद हो चुकी हैI

क्या यह दुबारा पुछने की जरुरत है कि मोदी जी के Mother organization, आरएसएस का अगस्त विद्रोह हो या उस के बाद स्वतंत्रता संग्राम मे क्या अहम भूमिका रही जब की आरएसएस का जन्म1925मे होचुका था I

शायद प्रधान सेवक का उनके संदेहस्पद भूमिका पर मलाल जरुर होगा और देश मे इस बात की भी चर्चा भी रही कि आरएसएस ने कई दशक तक अपने मुख्यालय मे देश के ध्वज को फहराने मे कोई दिलचस्पी नही दिखाई और जिस कारण देश के लोगो बारम्बार भाजपा और आरएसएस पर उंगली उठाते रहे I

हमे यह नही भूलना चाहिये कि माहात्मा गान्धी जी द्वरा अगस्त क्रन्ति न केवल देश की आजादी के लिये बल्कि देश की जनता को पूर्ण स्वाराज के लिये उठाया गया कदम था, जिन किसानो, मजदूरो, महिलाओं, दलित और शोषितों के लिये स्वराज की परिक्ल्पना के गई थी क्या आज के परिपेक्ष मे सही पाई जा रही है?

सही पूछे तो वर्तमान मोदी सरकार बडे पूंजिपतियो के आगे किसानो, मजदूरो, महिलाओं, दलित और शोषित समाज के स्वाराज को गिरवी रख चुके जिसके कारण एसे लोगो की व्यथा को सुनने वाला कोई नही है I

अगर मोदी जी यह समझ रहे है कि एसे एक वर्षगांठ के आयोजन करने से आरएसएस पर लगे पुराने दाग और उनके गंदे इतिहास मिट जायेंगे तो यह भला मोदी जी को अपनी Mother organization के लिये करना ही चाहिये I

http://www.muslimissues.in/rss-had-opposed-the-quit-india-movement-sonia-said-how-do-these-people-become-patriots/

Monday, 7 August 2017

चंडीगढ के छेडछाड वाले मामले मे भाजपा की नाक जितनी कटी है उतना तो चीन के धमकाने मे भी नही कटी थी

मोदी जी के प्रधान मन्त्री बनने के पहले उनके द्वरा की गई हर बात जुमला साबित हो चुकी है और प्रधान मन्त्री बनने के बाद उनके गार्डेन फ्रेश “बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ अभियान” भी जुमला साबित होते दिख गया है और वो भी हरियाना से जहां से इस अभियान की घोषणा की गई थी I

एक बात तो माननी ही पडेगी कि चंडीगढ मे हुए छेड-छाड मे भुक्त भोगी वर्णिका कुण्डु ने आद्भुत साहस का परिचय दिखाया है उसका नजिर वर्षो तक देश मे याद किया जायेगा और साथ मे चंडीगढ पुलिस द्वरा त्वरित कार्रवाई करते हुये उक्त लडकी को बचाने का जो काम किया है उसे भी याद किया जाना चाहिये I

इस बात को भी कोई इंकार इंकार नही कर सकता है कि हरियाना पुलिस ने जो खेल भाजपा के राजनीतिक दबाव मे आकर भुक्तभोगी के साथ खेला है उसे किसी भी हिसाब से माफ नही किया जा सकता है, खैर इस वजह से भाजपा का असल चाल चेहरा और चरित्र देश के सामने तो आया I

चंडीगढ वाले मामले के दूसरे दिन से मोदी जी के सारे गोदी मीडिया ने जिस ढंग से अपना केचुल छोडा है और भुक्तभोगी के साथ खडे दिखे मै तो क्या सारा देश हत्प्रभ हो गया है I

मोदी जी के प्रधान मन्त्री और तडीपार अमित शाह का भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद भाजपा ने हद से ज्यादा दूसरे पार्टीयों से दागी और क्रिमिनल नेताओं का जो आयात शुरु किया है उससे उत्तर प्रदेश से क्राइम खत्म होने का नाम ही ले रही है और साथ मे पार्टी के चाल चेहरा और चरित्र क्राइम के गंगा मे डुबकी लगा रहा है I

चण्डीगढ वाले मामले के बाद मोदी जी द्वरा अपने नेता के खिलाफ को कोई न कर्रवाई करके उन्होने साफ तौर भाजपा के अन्य नेताओ के लडको को क्राइम करने की खुली छूट के साथ हौंसला बढाया है I बात साफ है कि भाजपा शासित राज्यों मे बीजेपी के नेता के लडके किसी भी घिन्नोनी काम कर जायें तो मोदीजी पर उंगली न उठाये I

http://www.nationaldastak.com/country-news/ias-virendra-kundu-facebook-post-on-allegedly-harassed-daughter/

Wednesday, 2 August 2017

क्या उच्चतम न्यालय नीतीश कुमार द्वरा चुनाव आयोग के साथ किये गये धोका-धडी पर उचित और कठोर दण्ड दे पायेगी

भले ही सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई के लिये तैयार हो गयें है, जिसमे बिहार के मुख्य मन्त्री नीतीश कुमार ने सालो तक चुनावी हलफनामे मे निचली अदालत मे लंबित अपने अपराधिक मामले की जानकारी नही दी पर क्या उच्चतम न्यालय इस संदर्व मे नीतीश कुमार को कडे दण्ड दे पायेगी जिसमे एक नजिर स्थापित किया जा सके I

अगर प्रिन्ट मीडिया मे छपे खबरो को माने तो याचिकाकर्ता ने अपने याचिका मे केवल नितीश कुमार की विधान परिषद की सदस्यता रद्द करने की गुहार की है I हम यह मान कर चल रहे है कि यह मुकदमा लम्बे समय तक चलेगा जिसका फायदा नीतीश कुमार को मिलगा I

याचिकाकर्ता ने मांग की है कि सीबीआई को इस मामले मे एफआईआर दर्ज करने के ऑर्डर दिया जाए। याचिकाकर्ता के मुताबिक इलेक्शन कमीशन ने कुमार के खिलाफ केस की जानकारी होते हुए भी उनकी मेंबरशिप खारिज नहीं की जिसके कारण वो अब भी संवैधानिक पद पर काबिज हैं। नीतीश पर 2004 से 2012 के दौरान चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक केस की जानकारी छुपाने का आरोप है।

हो सकता है  आने वाले समय मे नीतीश कुमार अपने गिरती हुई छवि को बचाने के लिये एक नये पैंतरे का साहारा लें और एक आध महीने के भीतर ही एक नये प्रलाप के साथ उच्चतम न्यालय के किसी आदेश के आने के पुर्व ही एमएलसी के पद से त्यागपत्र दे डालें और पुन: दो घंटे के भितर ही दोबारा अपने नये गुरु घंटाल के सहारे मुख्य मन्त्री का शपथ ग्रहण करलें और अगले छ्ह माह के भितर पुन: एमएलसी बन जायें I

एक बात तो तय है कि आरजेडी के लालू प्रसाद यादव और उनके पुत्र तेजस्वी यादव उच्चतम न्यालय मे दाखिल याचिका को पुरा भुनाने की कोशिश करेंगे और समय–समय पर कुर्सी कुमार का सरेआम वस्त्र हनन करते रहेंगे भले ही न्यालय का बाद मे जो भी आदेश दें I

अब देखना यह है कि कुर्सी कुमार के इस धोका-धडी को सुप्रीम कोर्ट कोई कठोर दण्डात्मक आदेश पारित करते है कि नही I    

http://www.jaihindmaithilinews.in/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%96%e0%a4%b2-%e0%a4%b9%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%97/