Saturday, 21 January 2023

सोशल मीडिया और यू ट्यूब चैनल्स से घबराई मोदी सरकार तभी उन पर नकेल डालने की कोशिश शुरू हो रही है

पिछले आठ वर्षों से मोदी सरकार की भरपूर कोशिश रही के किसी भी तरह से प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया को सरकार के कब्जे में लाया जाए और पीएम मोदी के कुछ पूंजीपति मित्रों की मदद से सफल भी हुए है और कुछ मीडिया हाउस को डर दिखाकर अपने पाले में कर चुके है।

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गोदी मीडिया कभी भी बीजेपी शासित राज्यों के खबरों को नही चलाते है क्यों की अगर बीजेपी के राज्यो की खबर चला दे तो कल मीडिया हाउस पर ईडी का छापा पड़ जायेगा।

मोदी सरकार की नजर अब सोशल मीडिया और यू ट्यूब चैनल्स पर आ चुका है क्यों कि इन्ही यू ट्यूब चैनल्स में मोदी सरकार के गलत नीतियों और गंदी राजनीति पर चर्चा शुरू हो चुका है जिस कारण लोगों का रुझान सोशल मीडिया और यू ट्यूब चैनल्स में देखने को मिल रहा है।

Saturday, 7 January 2023

भाजपा द्वारा पठान फिल्म के बॉयकॉट से नुकसान केवल हिंदुओ का होना तय है

पठान फिल्म के बॉयकॉट से नुकसान हिंदू निर्माता और निर्देशक का होना तय है फिर भी बीजेपी राजनीति करने में लगे है।

पठान फिल्म में भगवा रंग को लेकर जिस प्रकार के विवाद बीजेपी और उनके समर्थक ने शुरू किया है उसका मूल उद्देश्य यह था किसी भी तरह से भारत जोड़ो यात्रा से लोगों के ध्यान बांटने का था पर आरएसएस और बीजेपी को इस उद्देश्य में कोई कामयाबी नहीं मिल पाई है बल्कि भारत जोड़ो यात्रा में लोगों का भीड़ बढ़ती ही जा रही है।

यूपी की यात्रा में अभूतपूर्व भीड़ ने आरएसएस के चंपत राय जिनकी देख रेख राम मंदिर का निर्माण चल रहा है उन्होंने ने भी भारत जोड़ो यात्रा की भूरी भूरी प्रशंसा किया है, उनकी बातों का खण्डन करने की साहस ना तो पीएम मोदी और ना ही गृह मंत्री अमित शाह ने दिखाया है।

दुसरी तरफ बीजेपी आईटी सेल ने पठान फिल्म को लेकर भगवा रंग पर जो विवाद खड़ा किया है वो आधारहीन है, ध्यान देने वाली बात यह है फिल्म के निर्माता, निर्देशक, संगीतकार, गीतकार और छायाकार सभी हिंदू समाज के लोग है और यंहा तक देश के सेन्सर बोर्ड के अधिकारी से लेकर सभी सदस्य हिन्दू समाज के साथ जुड़े हुए है तो फिर विरोध शारूख खान को लेकर किया जा रहा है।

बीजेपी और भक्तों के द्वारा पठान फिल्म के बॉयकॉट करने से नुकसान हिंदुओं का होना तय है ना कि दीपिका पादुकोण या शारूख खान को, उन्हे जो भुगतान मिलना था वो उन्हे मिल चुका है।

Friday, 6 January 2023

राम मंदिर के निर्माण कोर्ट का फैसला - अमित शाह क्यों ले रहे क्रेडिट

अयोध्या राम मंदिर के निर्माण मोदी सरकार के किसी कानून या अध्यादेश के जरिए नही हुआ है बल्कि उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार हो रहा है, बल्कि माननीय कोर्ट ने जिस याचिका पर अपनी राय रखे है उस याचिका में ना तो मोदी सरकार और ना ही बीजेपी के किसी मंत्री ने इस मुकदमे को शुरू से लड़ने का काम किया था।

2024 के लोकसभा के चुनाव को ध्यान में रखकर देश के गृह मंत्री अमित शाह ने मंदिर निर्माण को लेकर बयान बाजी शुरू कर चुके है जब की इस मंदिर निर्माण में मोदी सरकार की उतनी ही भूमिका है जो उच्चतम न्यायालय ने तय किया हुआ है।

अमित शाह का मंदिर निर्माण को लेकर इस प्रकार की बयानबाजी करना अनुचित है उसकी वजह यह है मंदिर निर्माण को लेकर माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार एक बोर्ड का गठन किया गया है जिसकी निगरानी में मंदिर निर्माण का काम शुरुवात किया गया है, पीएम मोदी के द्वारा शिलान्यास किए जाने पर यह साबित नही होता राम मंदिर मोदी सरकार या भाजपा की कोई निजी सपत्ति है। 

मंदिर निर्माण कब तक पूरी होगी और कब मंदिर का उद्घाटन होना है उसे मोदी सरकार तय नहीं कर सकते है बल्कि न्यास के महंत और बोर्ड के सदस्यों द्वारा बैठक करके शुभ काल को ध्यान में रखकर किया जाना है

जिस प्रकार से मोदी सरकार के मंत्री और भाजपा मंदिर निर्माण को लेकर माहौल बनाना चाहते है उससे देश के लोगो के सामने यह जताना चाहते मंदिर निर्माण में मोदी सरकार की मुख्य भूमिका जब कि मंदिर निर्माण में अहम भूमिका माननीय उच्चतम न्यायालय की रही, भाजपा अपने राजनीतिक उद्देश्य के लिए राम मंदिर निर्माण की कुल क्रेडिट खुद लेने पर उतारू है।

यह जानना जरूरी है क्या राम मंदिर के निर्माण के कारण देश की अहम मुद्दे जैसे महंगाई, बेरोजगारी, महिलाओं पर बलात्कार की घटना, हिंदू मुस्लिम एजेंडा और भगवा रंग पर राजनीति खत्म हो जाएगी अगर ऐसा होता है तो बीजेपी को साधुवाद देना जरूरी हो जाता है।

Tuesday, 27 December 2022

योगी सरकार ओबीसी के आरक्षण को लेकर घड़ियाली आंसू बहाने पर उतरी, सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती देकर ओबीसी को ठंडे वस्ते डालेगी

इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश ने ओबीसी के पर को बुरी तरह से कतर कर रख दिया है जिस कारण यूपी के योगी सरकार को फजीहत का सामना करना पढ़ रहा है।

बीजेपी अब ओबीसी के मुद्दे पर घड़ियाली आंसू बहाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने का काम करेगी, इस चुनौती से ओबीसी को क्या लाभ मिलने वाला है क्यों कि सुप्रीम कोर्ट में इस चुनौती का समाधान अल्प समय में होने से रहा। जिस मुस्तैदी के साथ हाई कोर्ट में ओबीसी के पक्ष में योगी सरकार को लड़ना चाहिए था वंहा योगी सरकार उदासीन दिखे।

अगर ओबीसी के लोग निकाय चुनाव मे बीजेपी के खिलाफ लामबंद नहीं हुए तो आने वाले समय पर शिक्षा और नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा।

Friday, 16 December 2022

सुप्रीम कोर्ट से घबराए हुए है मोदी सरकार तभी शीर्ष अदालत का किया जा रहा विरोध

जब से सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार के खिलाफ चल रहे मुकदमों की सुनवाई प्रारम्भ हुआ तब से मोदी सरकार राष्ट्रीय स्तर पर घिरती जा रही है पर कुछ दिनों से मोदी सरकार के कानून मंत्री और हाल में नियुक्त हुए उप राष्ट्रपति कॉलेजियम सिस्टम को लेकर सुप्रीम कोर्ट को घेरने में लगी ताकि मोदी सरकार के खिलाफ चल रहे मुकदमों में राहत मिल सके।

गौरतलब है कि मोदी सरकार ने छह वर्ष पूर्व कॉलेजियम सिस्टम को खत्म करने के नियत से विशेष कानून की मंजूरी दिया था पर सुप्रीम कोर्ट के संविधानिक पीठ ने उक्त कानून को निरस्त कार्के कॉलेजियम सिस्टम को पुनर्स्थापित किया था।

सुप्रीम कोर्ट में छ वर्षों पहले कॉलेजियम सिस्टम को लेकर फैसला सुना चुकी है पर मोदी सरकार ने आज तक उस फैसले को लेकर कोई रिव्यू पिटीशन सुप्रीम कोर्ट में शायद दायर नही है पर क्यों आज कानून मंत्री और उप राष्ट्रपति अपने वाक्य युद्ध के जरिए सुप्रीम कोर्ट को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे है।

लोगों का मानना है कि निचली अदालत और उच्च अदालत पर मोदी सरकार अपना प्रभाव समय समय पर डालती रहती है, कुछ हद तक मोदी सरकार का प्रभाव उच्चतम न्यायालय पूर्व में देखने को मिला है पर जब से भूतपूर्व मुख्य न्यायाधीश यू यू ललित और उसके बाद डॉक्टर डी वाई चंद्रचूड़ ने मुख्य न्यायाधीश ने कठोर निर्णय सरकार के खिलाफ लेना शुरू किया है तब से मोदी सरकार दबाव में आ चुके है।

Saturday, 10 December 2022

क्या भाजपा ईवीएम के संशोधन को लेकर प्राइवेट बिल का समर्थन करेंगे

गुजरात में हाल के चुनाव में जिस तरह ईवीएम को लेकर बड़ी धांधली का खेल मुख्य चुनाव आयोग के सहयोग से खेला गया है इसकी चर्चा गोदी मीडिया में देखने को नही मिला है।

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24 घंटे के भीतर मोदी सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्त किया था जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट भी अचंभित थे पर जिस उद्देश्य से इस प्रकार की नियुक्ति की गई थी उसका भरपूर लाभ ईवीएम की हेरा फेरी करके पीएम मोदी ने अपने अंतर्राष्ट्रीय छवि को बनाए रखने में कामयाब हुए है।

पार्लियामेंट में शीतकालीन सत्र में ईवीएम को लेकर अमेंडमेंट को लेकर एक प्राइवेट बिल प्रस्तुत किया गया है जिसे सदन से स्वीकृत मिल चुका है । अब देखना है भाजपा इस अमेंडमेंट के पक्ष में क्या रवैया अपनाते है, अगर भाजपा अपने को बड़ी पार्टी समझते है तो उन्हे इस संदर्भ में बड़ा दिल दिखाना होगा।

Sunday, 20 November 2022

गुजरात के चुनाव में भाजपा बाहरी नेताओं को चुनावी प्रचार में उतरना चाहते है ताकि गुजरात के अहम मुद्दों से लोगों का ध्यान हटे

पिछले गुजरात के चुनाव में भाजपा को 9 सीट अधिक मिलने के कारण सरकार गठन करने का मौका मिला था और कांग्रेस के पास आर्थिक तंगी के कारण 10 या 12 एमएलए को अपने पाले में नही कर सके जैसा भाजपा ने महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्यप्रदेश में एमएलए खरीदने में सफल हुए।

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पिछले गुजरात के चुनाव में दो पार्टियों के लड़ाई में भाजपा पिछड़ गए थे पर सरकार बनाने में सफल दिखे पर इस बार के चुनाव में आम आदमी पार्टी के दमदारी के साथ चुनाव लडने के कारण भाजपा को अपने ही वोट घटने की संभावना प्रबल हो चुका है।

भाजपा अपने भय को दूर करने के लिए पीएम मोदी के अलावा   मोदी सरकार के सभी गैर प्रदेशों या बाहरी मंत्रियों को चुनाव प्रचार के लिए इसलिए उतारना पड़ रहा ताकि लोगों को गुजरात के मुद्दों से दूर रखा जाए और जनता उनके कार्पेट बॉम्बिंग का शिकार हो जाए।