Sunday, 19 September 2021

हिंदुओं के धार्मिक अनुष्ठानों पर भाजपा सरकार की इतनी पाबंदी क्यों पर राजनीतिक गतिविधियों पर कोई गाइड लाइन नही



जब उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण का फैलाव रुक चुका है जहां प्रदेश में लॉक डाउन खत्म किया जा चुका है, सरकारी और गैर सरकारी संस्थाएं के खोलने पर कोई रोक नहीं है, मंदिर में आवागमन में कोई रोक नहीं है ऐसे सामान्य स्तिथि में भाजपा सरकार द्वारा हिंदू धर्म के अनुष्ठानों के आयोजन पर संक्रमण के बहाने नए गाइड लाइन जारी करके शासन के अंहकारी चरित्र को दर्शाता है, यह बाते इलाहाबाद दुर्गा पूजा समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और जनहित याचिका एक्सपर्ट श्री विजय चंद्र श्रीवास्तव ने कहा।

https://lm.facebook.com/l.php?u=https%3A%2F%2Fwww.livehindustan.com%2Futtar-pradesh%2Fstory-yogi-government-issued-guidelines-regarding-navratri-dussehra-and-chehallum-in-up-4621037.html&h=AT0Q6yq-jVs3DkqJIBT1-xAieN_IjymGYR6NWrUULHYhByvGP9yN1tTTUuNZ7raM3sDAW976KmDguoSbpSAgfXeEhW3DZpnBOpJWdqpHIL4yO-ylxvVJdptlUeO9TC_f9ide

गौरतलब है कि श्री विजय चंद्र श्रीवास्तव इलाहाबाद हाई कोर्ट में कोरोना संक्रमण से संबंधित जनहित याचिका के अधिवक्ता है। 

श्री श्रीवास्तव ने शासन से सवाल किया है कि प्रदेश में राजनीतिक यात्रा, राजनीतिक रैलियों जो हाल में अलीगढ़ में आयोजित हुआ था क्या योगी सरकार ने कोविड संक्रमण को ध्यान में रखकर कोई गाइड लाइंस जारी किया था?

अधिवक्ता श्रीवास्तव ने कहा इस प्रकार के राजनीतिक गतिविधियों पर खुला छूट देने का विरोध हाई कोर्ट में चल रहे जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान माननीय उच्च न्यायालय के संज्ञान में लाएंगे।

Thursday, 16 September 2021

यूपी में चुनाव होने में छह महीने की देरी है पर भाजपा की घबराहट अभी से सर चढ़ कर बोलने लगा है

रंगा, बिल्ला और योगी बाबा को अच्छी तरह से पता है यूपी सरकार भले ही करोड़ों अरबों रुपए अपने प्रदेश के फर्जी विकास पर खर्च कर चुके है पर उन फर्जी विज्ञापनों का असर आम जनता पर नही पड़ने वाला है।

https://www.bbc.com/hindi/india-58575002.amp

एक तरफ संयुक्त किसान मोर्चा का भरी दबाव पश्चिम उत्तर प्रदेश में महा पंचायत में दिखने लगा है और बीजेपी के नेता की घबराहट में उनके उठ पटांग बयान के किसान के विरोध में आने लगे है जिस कारण बीजेपी का शाख और नीचे गिरता दिख रहा है।

कुल मिलाकर भाजपा के पास हिंदू_मुस्लिम का एजेंडा बचा हुआ है पर उनके इस विभाजनकारी एजेंडा को आम जनता समझने लगे है सिवाय अंध भक्तों के, जिन्हे बीजेपी ने रुपए खर्च कर के पाल रखा है।

Monday, 13 September 2021

উত্তরপ্রদেশে কি ভোট-পূর্ব দাঙ্গার সম্ভাবনা দেখা দিচ্ছে,কারণ বিজেপি ইউপিতে হিন্দু মুসলিম কার্ড খেলা শুরু করেছে

সবাই জানে যে কাঠের হান্ডি বারবার উনুনে বসানো যায়না, এখন যখন অযোধ্যায় রাম মন্দিরের ইস্যু শেষ হয়ে গেছে তখন আবার ইউপি নির্বাচনে জয়লাভ করতে বিজেপি আবার হিন্দু মুসলিম এজেন্ডার বিগুল  ফুঁকতে শুরু করেছে।

 https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=294490149150025&id=105781201354255

যখন যোগী বাবা দেখলেন যে কোটি কোটি টাকা ভুয়া বিজ্ঞাপনে ব্যয় করা রাজ্যের মানুষকে প্রভাবিত করেতে পারলেন না তখন হিন্দু - মুসলমানদের এজেন্ডা কে হাতিয়ার করার চেষ্টা করছেন তাহলে কি উত্তরপ্রদেশে নির্বাচনের পূর্বে  রাজ্যে কিছু জায়গায় দাঙ্গা হবার সম্ভবনা দেখা দিতে পারে ? যদি দাঙ্গা বাধে তাহলে অবাক হওয়ার কিছু নেই।

আপনি যদি যোগী বাবার এই নির্বাচনের পূর্বের বক্তৃতাটি মনোযোগ সহকারে শুনেন, তাহলে রাজ্যে দাঙ্গার সম্ভাবনা রয়েছে এবং বিজেপিকে সাহায্য করার জন্য, AIMIM- এর ওসদ্দিন ওওয়াসি ইউপি-তে মুসলিম ভোটের আগুনে জ্বালানি দিতে পারেন কারন সবাই জানে AIMIM হলো বিজেপির B টীম।

Tuesday, 10 August 2021

पेगासस जासूसी कांड भले ही मोदी सरकार ने नही किया है तो उसकी जांच से क्यों भाग रहे पीएम मोदी

तमाम विपक्षी दलों के जद्दोजहद के बाद पेगासस जासूसी मामले को लेकर मोदी सरकार को अपनी चुप्पी तोड़ना पड़ा और उसकी मूल वजह यह है कि देश के सर्वोच्च न्यायालय में अनेक याचिका इस बात के लिए दर्ज किया गया ताकि सुप्रीम कोर्ट के देखरेख में एक SIT गठन करके पूरे मामले में कानूनी जांच किया जा सके।

https://www.facebook.com/News18Bangla/videos/163956559178686/

कल तक पेगासस जासूसी कांड को लेकर मोदी सरकार इस मामले को नॉन इश्यू बताकर पूरे मामले को टालने के मूड में थे पर पिछले दिन सदन इस बात को कहने का साहस दिखाया कि  पेजसास कांड में मोदी सरकार की कोई भूमिका नहीं है पर सरकार सदन में जासूसी कांड को इंकार नहीं किया है।

अब तो सवाल बनता है कि आखिर 300 लोगों की जासूसी किसने किया है जो संविधान के कई अनुच्छेद का हनन किया गया है तो मोदी सरकार इस मामले में जांच से क्यों पीछे हट रहे है।

Sunday, 18 July 2021

Before 2024 Loksabha election, the BJP will be uprooted from Bengal

The national Chowkidar has not read Newton's third law and for this reason BJP leaders and workers in Bengal have started leaving party to join TMC

There was a time when the Central BJP adopted Chanakya policy to break Mamta Banerjee's party and made such a move that many TMC MLAs left the TMC in one stroke and joined BJP after being subdued by the temptation of PM Modi and Amit Shah.

At that time the two abbots of BJP felt that they have morally defeated Mamta Banerjee in the first phase and Amit Shah's 200+ slogan was given because of the same diplomacy.

Newton's third law says that for every action there is an equal and opposite reaction, perhaps PM Modi and Amit Shah may not have studied science and in Bengal the present situation is that the BJP leaders to workers from every district have started joining TMC again.  Bengal will become a BJP-free state by 2024.

Saturday, 17 July 2021

प्रधान सेवक ने झूठ बोलने में विश्व में इतिहास रचने का काम किया, बनारस की रैली में कोरोना को लेकर सदी का सबसे बड़ा झूठ बोला गया

देश के लोगों को प्रधानमंत्री पर गर्व होना चाहिए कि पूरे विश्व में पीएम मोदी एक इकलौता प्रधानमंत्री है जिन्होंने पीएम पद पर रहते हुए झूठ बोलने का विश्व रिकॉर्ड का इतिहास रचने का काम किया है।

https://www.facebook.com/YogiJhoothaHai/videos/538726290650657/

पीएम मोदी के झूठ बोलने और फर्जी वादों की गति तब देखने को मिलती है जब किसी राज्य का चुनाव नजदीक आता है। हाल में बनारस में कोरोना को लेकर योगी सरकार की जो तारीफ के पुल बांधने का काम किया है वो सदी की सबसे बड़ी झूठ का प्रचार किया गया है।

मोदी सरकार बंगाल के चुनाव और मत गणना के उपरांत हिंसा को लेकर अपने छाती पीटने का काम किया पर उत्तर प्रदेश में हिंसा के बल पंचायत के चुनाव में जीत हासिल किया इस मामले पीएम मोदी की खामोशी गजब की रही।

Friday, 2 July 2021

कोलकाता हाई कोर्ट के आदेशों से साफ हो चुका है कि मोदी सरकार की बंगाल में धारा 356 लागू करवाने की मंसा पर पानी फिर चुका है

[ कोलकाता हाई कोर्ट के आदेशों से साफ हो चुका है कि मोदी सरकार की बंगाल में धारा 356 लागू करवाने की मंसा पर पानी फिर चुका है ]

बंगाल में चुनाव के बाद तथाकथित हिंसा को लेकर उच्चतम न्यायालय और कलकत्ता हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका की सुनवाई भले हो रही है पर दोनो अदालते किसी दबाव में आकर चुनाव पूर्व बंगाल के बीजेपी नेताओं के अनेक उत्तेजना और उसकाने वाली भाषणों जिसमे सत्ता में आने के बाद टीएमसी के नेताओं को जान से मारने की धमकी वाली बातों को नजरंदाज किया है।

https://www.jagran.com/west-bengal/kolkata-order-of-calcutta-high-court-police-should-register-all-cases-of-violence-after-elections-in-bengal-victims-get-ration-21792023.html

कोलकाता हाई कोर्ट ने जिस प्रकार के आदेश पारित किए है वे सब मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा हुआ है और इस प्रकार के आदेश अपेक्षित है पर जिस मंसा के साथ बीजेपी और मोदी सरकार ने इस प्रकार के याचिका दायर किया था उसका उद्देश्य था धारा 356 लगाकर एक चुनी हुई सरकार को गिराकर प्रदेश को केंद्र के अधीन लाना था।

गौर करने वाली बात यह है कि जिन हिंसा के घटनाओं को लेकर मामले दायर किए गये है वे सभी घटनाएं चुनाव आयोग के आचार संहिता लागू के दौरान हुआ था जिसकी जवाबदेही चुनाव आयोग की है।