Monday, 22 February 2021

क्यों पीएम मोदी बंगाल में हिंदू_मुस्लिम एजेंडा पर बात रखकर बंगाल में धार्मिक जहर घोल रहे हैं

पीएम मोदी बंगाल के चुनाव प्रचार के दौरान कहा की बंगाल में बीजेपी सरकार बनी तो यहां विकास सभी का होगा, इस प्रकार की बात पीएम मोदी ने भाजपा के पुराने हिंदू_मुस्लिम एजेंडा का पिटारा खोलना चाहते है।

https://khabar.ndtv.com/news/india/pm-narendra-modi-says-west-bengals-infrastructure-development-priority-of-my-government-2376103

मोदी जिस विकास की बातो की आड़ में अपने हिंदू मुस्लिम एजेंडा को याद दिलाना चाहा उसी पर उन्होंने देश के विकास की बात करना लगभग बंद कर चुके है।

मोदी की स्तिथि यह हो चुकी है अपने द्वारा विकास की बात तो कर ही नही पाते है और जहां तक बंगाल के विकास की बात करें तो उसका फेरिस्ट लंबा है और उन योजनाओं के जरिए सभी धर्मो के लोगो को योजनाओं का लाभ पहुंचाया है जिसे बंगाल की जनता नकार नही सकते हैं।

Sunday, 21 February 2021

[নির্বাচন কমিশন বাংলার নির্বাচনের জন্য কোনও প্রজ্ঞাপন জারি করেনি, তবে কেন নির্বাচনের আগে কেন্দ্রীয় বাহিনী মোতায়েন করা হচ্ছে

পশ্চিমবঙ্গ বিধানসভা নির্বাচনে কি ব্যাপক হিংসার সম্ভাবনা রয়েছে?  এটি কি রাজ্য সরকারকে চাপ দেওয়ার কৌশল হিসাবে করা হচ্ছে?

 https://theaajkaindia.com/why-125-companies-of-central-forces-are-dep কাজের-in-bengal-before-asorses-eferences/

এই প্রশ্নগুলি জিজ্ঞাসা করা হচ্ছে কারণ পশ্চিমবঙ্গ বিধানসভা নির্বাচনের তারিখ 2021 ঘোষণা করা হয়নি তবে কেন্দ্রীয় সুরক্ষা বাহিনী সেখানে পৌঁছতে চলেছে।

মুখ্য নির্বাচন কমিশনের দাবিতে এটি করা হচ্ছে, এটি স্পষ্ট যে নির্বাচন কমিশন মোদী সরকারের হাতের পুতুল হয়ে গেছে আর মোদী সরকার দেশের গণতান্ত্রিক সংস্থান গুলির উপর দখল নিয়ে ফেলেছেন।

বিজেপি সুরক্ষা বাহিনীর আড়ালে নির্বাচন কমিশনের সহায়তায়, ইভিএম কে নিয়ে অবশ্যই খেলাটি খেলবে এবং তার পরে কৃতিত্ব সুরক্ষা বাহিনীকে দেওয়া হবে।

কিরণ বেদীর নাম "সিএম মাস্টার স্ট্রোক" ব্যর্থ হওয়ার পরে বিজেপি মুখ্যমন্ত্রী মুখ ঘোষণা করতে ভয় পায়ে

আসন্ন বিধানসভার নির্বাচনে বিজেপির বড় দুর্বলতা হলো যে তারা কোনও মুখ কে মুখ্যমন্ত্রী পদের জন্য ঘোষিত করতে পারছেন না যখন কি বিজেপি কিরণ বেদিকে দিল্লির মুখ্যমন্ত্রী হিসাবে ঘোষিত করেছিলন তবে কিরণ বেদীর হারের পর বিজেপি আর সাহস করেন না আগে ভাগে নাম ঘোষিত করতে।

https://www.indiatoday.in/amp/elections/video/bjp-challenges-mamata-to-announce-she-will-contest-only-from-nandigram-1771422-2021-02-21?__twitter_mpression=truer

তবে যে রাজ্যে বিজেপি সরকারে ছিলেন যেমন মহারাষ্ট্র, ছত্তিশগড়, বিহার, এমপি, রাজস্থান, এবং ঝাড়খন্ডের সিটিং মুখ্য মন্ত্রী কে আগে করে নির্বাচনে নেমেছিলেন

এটি টিএমসির ব্যক্তিগত সিদ্ধান্ত যে মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় কোন আসন থেকে প্রতিদ্বন্দ্বিতা করবেন, টিএমসির সিদ্ধান্তে বিজেপির হস্তক্ষেপ কি ন্যায়সঙ্গত?  

নরেন্দ্র মোদী যখন তাঁর প্রথম লোকসভা নির্বাচনের দুটি জায়গায় কাগজপত্র জমা দিয়েছিলেন, তখন কোনও দলই এই রকম বোকা চ্যালেঞ্জ ছুড়ে দেননি।

बीजेपी का किरण वेदी के नाम का " सीएम मास्टर स्ट्रोक " फेल होने के बाद तब से सीएम चेहरा घोषित करने से घबराते है

भाजपा कर इस तरह के बयान से पता चलता है कि बीजेपी के पास बंगाल के लिए कोई सीएम चेहरा नहीं है, बीजेपी ने दिल्ली के लिए किरण बेदी को सीएम चेहरा घोषित किय था और वो अपनी सीट जीत नही पाई थी तब से बीजेपी ने नई रणनीति अपनाई थी।

https://www.indiatoday.in/amp/elections/video/bjp-challenges-mamata-to-announce-she-will-contest-only-from-nandigram-1771422-2021-02-21?__twitter_impression=true

लेकिन जिस प्रदेश में भाजपा की सरकार थी जैसे महाराष्ट्र,   छत्तीसगढ़, बिहार, एमपी, राजस्थान, और झारखंड में क्यों सिटिंग सीएम को सीएम फेस मान लिया था। 

यह टीएमसी का निजी फैसला है कि ममता बनर्जी किन किन सीटों से चुनाव लड़ेंगी क्या टीएमसी के फैसले पर बीजेपी का दखलंदाजी उचित है? जब नरेंद्र मोदी अपने पहले लोकसभा चुनाव में दो जगहों से पर्चा भरा था तब किसी पार्टी ने इस प्रकार की फिजूल बात नही किया था।

Friday, 19 February 2021

क्या अमित शाह बाहरी राज्यों के भीड़ और गोदी मीडिया के बल पर बंगाल का चुनाव जीतना चाहते है

प्राप्त सूत्रों से खबर है कि बंगाल चुनाव से पहले भाजपा समर्थक बंगाल छोड़कर घूमने के नियत से प्रदेश छोड़कर जाने वाले है तो फिर भाजपा का क्या होगा।

https://www.facebook.com/393475821165268/posts/1077347112778132/

इसमें कोई संदेह की बात नही है कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा पिछले वाम दलों के शासन काल से चला आ रहा है और बंगाल के लोग राजनीतिक रूप से साल भर किसी ना किसी राजनीतिक पार्टी के साथ जुड़ाव बना रहता है।

कुछ समय पूर्व बंगाल के भाजपा नेताओं ने बंगाल के किसी क्षेत्र में रैली का आयोजन किया था और साथ में दस हजार लोगो की समागम का दावा किया था परंतु उक्त रैली में एक हजार लोगो का जमावड़ा हुआ था।

जब पत्रकारों ने उनके दावों की चर्चा बीजेपी से किया तो राज्य स्तर के नेता ने कहा की टीएमसी के डर से लोग रैली में नही आ रहे है, अगर इनके बातों को मान लिया जाए तो यही हाल तो चुनाव के दिन देखा जायेगा।

दूसरी तरफ जब अमित शाह बंगाल के किसी इलाके में रैली करते है तो पड़ोसी राज्यों से बुलाए गए बंपर भीड़ देखने को मिलता है।

Thursday, 18 February 2021

दूसरे राज्यों के भाड़े के भीड़ से अमित शाह बंगाल में रैली तो कर सकते है पर वोट में तब्दील नहीं कर सकते है

हिंदी बोले जाने वाले प्रांतों से अन्य प्रांतीय भाषा वाले राज्य कि राजनीती भिन्न है पर यह बात अमित शाह के दिमाग़ में नहीं घुस रही है ।

हर हफ्ते सरकारी खर्चे पर अमित शाह का बंगाल का दौरा करने पर विशेष लाभ होता नहीं दिख रहा है और दुसरी तरफ चुनाव प्रचार के नाम पर सरकार के खजाने को खाली करना नैतिकता के आधार पर भी गलत है ।

बंगाल में शिक्षा के प्रसार के साथ लोग राजनितिक सचेतन भी है और दुसरी तरफ बंगाल के लोगो के बिच अमित शाह कि पुरानी दागदार छवि बनी हुई है इस कारण अमित शाह को बंगाल के बंगाली समाज उनको गंभीरता से नहीं ले रहे है और दूसरी तरफ बंगाल के ग्रामीण बंगाली समाज इतना चुस्त हिंदी समझने के आदि नहीं है ।

दुर्भाग्य का विषय यह कि पिछले सात वर्षो में केंद्र की भाजपा ने बंगाल के जमीन पर ऐसा कोई धारदार नेता नहीं तैयार कर पाएं है जो प्रखर और तेजस्वी ममता बनर्जी का मुकाबला कर सके।

बीजेपी अपने को बंगाल में पिछड़ते हुए देख रहे है और इसी कारण पीएम मोदी के चेहरे को छिपाने में लगे है और जिसके फलस्वरूप अमित शाह को आगे किया गया है ।

Wednesday, 17 February 2021

मोदी की गगन चुम्बी विफलताओ के कारण मोदी के फैन मोदी से दूरी बनाने में लगे है

जिस तरह से बड़े बेबागी के साथ अनुमा आचार्य जो कभी एयर फोर्स में विंग कमांडर थी अपनी बातों को रखा है उससे इग्नोर करना बीजेपी और अंड भक्तों के अलावा पीएम मोदी और अमित शाह के बस की बात नही है।

https://www.facebook.com/110690743952684/posts/283094003379023/

मजे की बात है कि भूतपूर्व विंग कमांडर किसी समय पीएम मोदी के बड़े  फैन हुआ करती थी और जिसका शुरवती शिक्षा आरएसएस के शिक्षण संस्थान में हुआ था।

इस महिला ने जिस परिपक्वता के साथ अपने संवाद के जरिए अपने बातों को रखा है उससे बीजेपी के नेताओं में एक धनात्मक सोच पैदा करने में कामयाब हुई है। एक बार इस विडियो को जरूर देखे और सुने।