Saturday, 3 April 2021

हिंदू मुस्लिम सौहाद्र के कारण बंगाल के चुनाव में बीजेपी की धार्मिक ध्रुईकरण सफल नही होगी

[ हिंदू मुस्लिम सौहाद्र के कारण बंगाल के चुनाव में बीजेपी की धार्मिक ध्रुईकरण सफल नही होगी ]

बंगाल के चुनाव में जब भाजपा ममता बनर्जी के विकास मॉडल के खिलाफ कोई शब्द बोल नही पा रहे है और साथ में पीएम मोदी के सात साल के कार्यकाल की उपलब्धि को गिनाने में असफल हुए तब जाकर अपने औकात पर उतर आए है।

भाजपा की औकात केवल हिंदू वोटों को ध्रुईकरण के जरिए अपने पक्ष में लाने का है और उनकी सोच है कि मुस्लिम समुदाय के खिलाफ गाली गलौज करने पर हिंदू वोट उनके पास आ सकते है।

इस प्रकार की सोच बीजेपी के कट्टर मानसिकता को दर्शाता है, इसी प्रकार की कट्टरता तालिबानी मुस्लिमों में पाए जाते है , इसका मतलब तालिबानी मुस्लिम और बीजेपी में कोई वैचारिक फर्क नही है।

बंगाल में शुरू से हिंदू मुस्लिम के बीच सौहाद्र बना हुआ है, चाहे वो कांग्रेस का शासन काल हो या बाम दल या तृणमूल का शासन काल में दोनो समुदाय में भाईचारा बना हुआ है और इस भाईचारे को भेदना बीजेपी के बस की बात नही है।

ईवीएम का रखरखाव बीजेपी के अनुमोदित संस्था के हाथो मे है तभी चुनाव के दौरान ईवीएम टांग उठाते रहते है

देश मे ईवीएम को लेकर @ECISVEEP की जिम्मेदारी निष्पक्ष चुनाव कराने की है पर बंगाल के चुनाव में ईवीएम शुरुवाती दौर में भरी संख्या में Retired hurt होते दिख रही है उससे एक बात साफ होता दिख रहा है की चुनाव पूर्व ईवीएम के रखरखाव में बहुत बड़ी लापरवाही देखने को मिल रहा।

https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=2911247759134032&id=100007465083144

ईवीएम के रखरखाव के विषय पर चुनाव आयोग की भारी खामोशी एक चिंता का विषय है। इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का खास बात यह है जब उसके साथ पूर्व में अनर्गल छेड़खानी किया जाएगा तो उसमे निश्चित तौर पर खामियां देखने को मिलेगा।

Friday, 2 April 2021

भाजपा बंगाल का चुनाव ईवीएम की हेरा फेरी से जीत सकते है जब कि बंगाल में बीजेपी की प्रतिकूल परिस्थिति चल रही है

जो युवा आईएएस/आईपीएस/आईएफएस/ या अन्य परीक्षाओं की तैयार कर रहे है क्या बिना परीक्षा में बैठे अपनी सफलता को दावे के साथ कह सकते है, बहुत अच्छा परीक्षा देने के बाद बावजूद भी कोई परीक्षार्थी शत प्रतिशत परिणाम लाने का दावा नही कर सकता है।

इसके विपरित बंगाल के चुनाव के घोषणा के बाद अमित शाह दो सौ सीट जितने का दावा कैसे ठोक सकते है, इससे एक बात साफ होता दिख रहा है कि चुनाव आयोग के चुनाव घोषणा के पूर्व दोनो बीजेपी और चुनाव अयोग निश्चित रूप से कोई सांठ गांठ हुआ है तभी मतदान ना होने पर इस प्रकार के दावे किए जा रहे है।

गौरतलब है कि लोकसभा के मतदान के पूर्व अमित शाह ने 300 सीट जितने का दावा किया था और परिणाम भी उनकी भविष्यवाणी को सही साबित किया था, हकीकत में ईवीएम में ही बीजेपी का प्राण बसा हुआ है और जिन प्रदेशों में चुनाव हारे है वो ईवीएम को सही सिद्ध करने के लिए हारे है।

Thursday, 1 April 2021

भाजपा बंगाल चुनाव को जीतने के लिए चुनाव अयोग और अर्ध सैनिक बलों का कर रहे दुरुपयोग

भाजपा की बंगाल में सत्ता हासिल करने की लालच ने ना केवल चुनाव आयोग बल्कि देश के अर्ध सैनिक बल की प्रतिष्ठा को दांव में लगा दिया, आजतक इन दोनो संस्थानों को भारतीय समझा जाता रहा पर नंदीग्राम में चुनाव के दिन अर्ध सैनिक बलों ने जो कारनामे दिखाए है वो लोगो चौंका सा दिया है।

नंदीग्राम में चुनाव आयोग ने चुनाव वाले दिन 144 धारा लगाकर तथा अधिक संख्या में अर्ध सैनिक बलों का प्रयोग करके भाजपा के गुंडा वाहिनी को मतदान केंद्रों को कब्जा करने और बड़े पैमाने में फर्जी वोट डालने के लिए रास्ता खोल दिया था।

भाजपा के शीर्ष नेताओं ने बंगाल के चुनाव को अपने प्रतिष्ठा के  साथ जोड़कर देख रहे है यहां तक बात समझ में आती है पर अपने सिद्धि के लिए चुनाव अयोग और अर्ध सैनिक बलों का दुरुपयोग करके अपने बाहरी गुंडा के जरिए मतदान केंद्रों को कब्जा करना उचित नही है।

Wednesday, 31 March 2021

প্রত্যেক দফার নির্বাচনে ইভিএম আর ভিভিপাট কে নিয়ে সচেতন থাকতে হবে টীএমসির কর্মীদের

বাংলার নির্বাচনে কি ফলাফল হবে সেটা আজ বলা না যেতে পারলেও তবে প্রথম দফার নির্বাচনে বিজেপির আর মুখ্য নির্বাচনের কমিশনারের EVM আর VVPAT কে নিয়ে কারচুপি ধরা পড়েছে তবে গত লোকসভার নির্বাচনের সময় এই রকম EVM আর VVPAT কে নিয়ে গণ্ডগোল দেখা যায়নি।

যদিও নির্বাচন কমিশন এই গণ্ডগোল কে মানতে অস্বীকার করেছেন তবে এতে কিছু এসে যায়না, তার কারণ 84 শতাংশ ভোট পড়ার পর বিজেপি একটু কোন টেশা হয়েছেন।  

ইভিএম আর ভিভিপাট মধ্য গণ্ডগোল দেখার পর লাভের মধ্য লাভ এই হয়েছে যে বাংলার জনগণ এই বিষয় কে নিয়ে সচেতন হয়েছেন আর এই রকম গণ্ডগোল দেখতে পেলে ভোটাররা রব তুলবেন আর সাথে নির্বাচন কমিশন  কে অপদস্ত হতে হবে।

Tuesday, 30 March 2021

প্রথম দফার নির্বাচনে ৮৪ শতাংশ ভোট পড়ার কারণে বিজেপি এবং নির্বাচন কমিশন কে ক্ষেপিয়ে দিয়েছে

প্রথম পর্বের নির্বাচনের সময়, কিছু কিছু জায়গায় ছোট মোট ঘটনার খবর নিউজ চ্যানেল দেখা এবং শোনা গিয়েছিল তবে কোনও বড় মাপের হিংসার ঘটনার কোনও খবর পাওয়া যায়নি। 

তবুও নির্বাচন কমিশন কেন্দ্রীয় বাহিনীকে ভোটারদের জমায়ত বা সংঘর্ষের ঘটনায় গুলি করার নির্দেশ জারী করেছেন তাতে ভোটারদের মধ্যে আতঙ্ক সৃষ্টি করেছে।

https://www.sundaytimeskolkata.com/blog/-Central-force-in-west-bengal-Assembly-election-2021-6061f474dc9fa

নির্বাচন কেন্দ্রের থেকে ২০০ মিটার দূরে আইন শৃঙ্খলা দেখার কাজ রাজ্যের পুলিশের উপর থাকে তবে কেনো নির্বাচন কমিশন ভোটারদের ওপর গুলি ছোড়ার আদেশ কেনো দিলেন

প্রথম পর্যায়ে, বিজেপি ৮৪ শতাংশ ভোট দেখে হতবাক হয়ে গেছে এবং ভোটারদের মধ্যে আতঙ্ক সৃষ্টি করার জন্য নির্বাচন কমিশন একটি অভদ্র আদেশ জারি করেছে।

যদি প্রথম দফার নির্বাচনে কোনো বড় মাপের হিংসার ঘটনা হতো তাহলে কি ৮৪ শতাংশ ভোট হতো কী উরান্ত কেন্দ্রীয় বাহিনী ভোটারদের ও টিভি জার্নালিস্ট এর ওপর লাঠি চালাতে দেখা গেছে।

সত্যি কথা বলতে ৮৪ শতাংশ ভোট হওয়াতে বিজেপি আর নির্বাচন কমিশনের মনের মধ্যে ভয় ঢুকেছে তাই ভোটারদের জমায়াতে কেন্দ্রীয় বাহিনী কে গুলী ছোড়ার নির্দেশ দিয়েছেন যাতে ভোটারদের মধ্য ভয়ের সঞ্চার হোক।

Saturday, 27 March 2021

बंगाल के प्रथम चरण के चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से करवाने में मुख्य चुनाव आयोग हुई फेल

बंगाल के प्रथम चरण में जिन पांच जिलों में विधान सभा का चुनाव हुआ है उन्ही में अधिकांश जिलों में पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रथम स्थान में रहे पर इस विधान सभा चुनाव में 90 ईवीएम और VVPAT खराब होने की खबर मिला है और साथ में इन्ही जिलों में बीजेपी समर्थको ने आम लोगो को डराने और हिंसा करने का काम बाहरी लोगों से किया।

https://www.facebook.com/watch/?v=138896824826544

पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 18 सीट अपने कब्जे में किया था पर भाजपा क्यों भुल रहे है लोकसभा और विधान सभा चुनाव में जमीनी फर्क है पर भाजपा इस विषय को जानबूझ कर नजरंदाज कर रहे है।

जिस प्रकार से प्रथम चरण का चुनाव हुआ उससे मुख्य चुनाव आयोग की कलाई खुल चुकी है और पुलिस प्रशासन को निष्क्रिय करने का काम भी चुनाव आयोग ने किया है जिस कारण हिंसा देखने को मिला है।